
करियर को नई उड़ान देने और कॉर्पोरेट जगत में ऊंची छलांग लगाने के लिए मैनेजमेंट की डिग्री यानी एमबीए (MBA) आज के युवाओं की पहली पसंद बन चुका है। लेकिन जब बात दाखिले की आती है, तो छात्रों के सामने सबसे बड़ा और उलझन भरा सवाल यह खड़ा होता है कि वे रेगुलर (फुल-टाइम) एमबीए चुनें या फिर आजकल तेजी से ट्रेंड में आ रहे ऑनलाइन एमबीए का विकल्प अपनाएं। आज के दौर में जब कई संस्थान आकर्षक विज्ञापनों के जरिए 10 से 15 लाख रुपये तक की भारी-भरकम फीस वसूल रहे हैं, ऐसे में बिना सोचे-समझे उठाया गया एक गलत कदम आपकी पूरी मेहनत की कमाई को बर्बाद कर सकता है। इसलिए एडमिशन के फॉर्म पर साइन करने से पहले इस पूरे गणित को बेहद बारीकी से समझना बेहद जरूरी हो गया है।
रेगुलर एमबीए की ताकत: कैंपस प्लेसमेंट और नेटवर्किंग का बड़ा फायदा
अगर आप ट्रेडिशनल यानी रेगुलर कॉलेज जाकर फुल-टाइम एमबीए करने का मन बना रहे हैं, तो इसके अपने अनगिनत फायदे हैं। रेगुलर एमबीए की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) उसका कैंपस प्लेसमेंट होता है, जहां देश-विदेश की नामी कंपनियां सीधे कॉलेज आकर छात्रों का इंटरव्यू लेती हैं और बेहतरीन पैकेज ऑफर करती हैं। इसके अलावा, क्लासरूम की पढ़ाई, प्रोफेसरों के साथ आमने-सामने की बातचीत, ग्रुप डिस्कशन, केस स्टडीज और कॉलेज के दौरान बनने वाला पीयर नेटवर्क (दोस्त और प्रोफेशनल्स का दायरा) आपके कॉर्पोरेट करियर की मजबूत नींव रखता है। हालांकि, इसके लिए आपको भारी-भरकम फीस के साथ-साथ दो साल तक कॉलेज को फुल-टाइम देने की जरूरत होती है।
ऑनलाइन एमबीए का सच: कामकाजी पेशवरों के लिए वरदान या सिर्फ एक कागजी डिग्री?
दूसरी तरफ, ऑनलाइन एमबीए उन कामकाजी पेशेवरों (Working Professionals) या उन युवाओं के लिए डिजाइन किया गया है जो अपनी नौकरी छोड़े बिना या कम बजट में हायर एजुकेशन हासिल करना चाहते हैं। ऑनलाइन कोर्सेज की फीस रेगुलर के मुकाबले काफी कम होती है और आप घर बैठे अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ाई कर सकते हैं। लेकिन जानकारों का यह मानना है कि ऑनलाइन एमबीए में वह कॉरपोरेट एक्सपोजर और कैंपस वॉक-इन प्लेसमेंट का माहौल नहीं मिल पाता जो रेगुलर डिग्री में मिलता है। कई बार नामी कंपनियां ऑनलाइन डिग्री को उतनी प्राथमिकता नहीं देतीं जितनी रेगुलर डिग्री को मिलती है, इसलिए दाखिला लेते समय यूनिवर्सिटी की मान्यता (UGC/AICTE approval) और उसका प्लेसमेंट रिकॉर्ड जांचना सबसे अहम है।
आपके लिए कौन सा विकल्प है बेस्ट? फैसला लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
एमबीए कोर्स में 10 से 15 लाख रुपये निवेश करने से पहले आपको अपने करियर के गोल और वित्तीय स्थिति का ईमानदारी से आकलन करना चाहिए। यदि आप फ्रेशर हैं और आपके पास फुल-टाइम पढ़ाई करने का समय और बजट है, तो आंख मूंदकर रेगुलर एमबीए का विकल्प चुनें क्योंकि यह आपके भविष्य के लिए सबसे सुरक्षित रास्ता है। वहीं, अगर आप पहले से ही किसी नौकरी में हैं और अपने रिज्यूमे में सिर्फ एक मैनेजमेंट डिग्री जोड़कर प्रमोशन पाना चाहते हैं, तो किसी प्रतिष्ठित और मान्यता प्राप्त संस्थान से ऑनलाइन एमबीए करना समझदारी हो सकती है। सही चुनाव ही आपके भविष्य और निवेश दोनों को सुरक्षित रख सकता है।
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