
दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में 10 अगस्त 2026 की सुबह आए 7.4 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने पूरे देश में भारी तबाही मचा दी है। भूकंप के इतने तेज झटके महसूस किए गए कि पश्चिमी और मध्य कोलंबिया के कई प्रमुख शहरों में बहुमंजिला इमारतें, चर्च के टावर और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे ताश के पत्तों की तरह जमींदोज हो गए। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों का आंकड़ा 50 के पार बताया जा रहा था, लेकिन जैसे-जैसे मलबे से शव निकाले जा रहे हैं, स्थानीय अधिकारियों के अनुसार मौतों की संख्या 130 के पार पहुंच चुकी है और 600 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नवनिर्वाचित राष्ट्रपति एबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला ने देश भर में 'राष्ट्रीय आपदा और आपातकाल' (National Disaster State) की घोषणा कर दी है।
भूकंप का केंद्र, गहराई और प्रभावित प्रमुख शहर
अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) और कोलंबियाई भूगर्भीय सेवा के अनुसार, भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 7:34 बजे आया। इसका केंद्र पश्चिमी कोलंबिया के चोको (Chocó) प्रांत में स्थित सैन जोसे डेल पालमार के पास जमीन से लगभग 107 से 110 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया। यद्यपि भूकंप काफी गहराई में था, फिर भी इसकी तीव्रता इतनी भीषण थी कि इसका असर राजधानी बोगोटा सहित पूरे देश में और पड़ोसी देशों पनामा तथा इक्वाडोर तक देखने को मिला।
सबसे ज्यादा नुकसान चोको, रिज़ारल्डा और वैले डेल काउका प्रांतों में दर्ज किया गया है:
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पेरेरा (Pereira): यहां मलबे में दबने और इमारतों के आंशिक रूप से गिरने के कारण 60 से अधिक लोगों की जान चली गई। शहर के मातेकाणा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का कुछ हिस्सा ढह गया और केबल कार में कई लोग फंस गए।
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कैली (Cali): कोलंबिया के तीसरे सबसे बड़े शहर कैली में कम से कम 25 इमारतें पूरी तरह ढह गईं, जिनमें दर्जनों लोग मलबे में फंस गए।
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मनिज़ालेस (Manizales): शहर के प्रसिद्ध 'कैथेड्रल बेसिलिका ऑफ अवर लेडी ऑफ द रोजरी' का एक टावर गिर गया और एक 4-मंजिला इमारत मलबे में तब्दील हो गई।
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सैन जोसे डेल पालमार और अल काइरो: भूकंप के केंद्र के पास स्थित इन कस्बों में 80% तक घर और इमारतें क्षतिग्रस्त या पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं।
राहत-बचाव कार्य और हजारों लोगों के लापता होने की आशंका
भूकंप के तुरंत बाद राष्ट्रीय जोखिम और आपदा प्रबंधन इकाई (UNGRD) तथा राहत एजेंसियों को युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में लगा दिया गया है। दर्जनों प्रभावित शहरों में स्निफर डॉग्स, भारी मशीनरी और ड्रोन की मदद से मलबे में जिंदगी की तलाश की जा रही है। लापता लोगों का पता लगाने वाले तंत्र के अनुसार, 2,800 से अधिक लोग अब भी लापता या संपर्क से बाहर बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में संचार नेटवर्क, बिजली की लाइनें और पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो चुकी है।
राष्ट्रपति का बयान और अंतरराष्ट्रीय मदद की पहल
कोलंबिया के राष्ट्रपति एबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला ने आपातकालीन बैठक के बाद बोगोटा में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, चिकित्सा उपकरण और बचाव दल भेज रही है। पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो सहित कई अन्य देशों ने कोलंबिया को रसद और मानवीय सहायता भेजने का आश्वासन दिया है। मुख्य झटकों के बाद 30 से अधिक आफ्टरशॉक्स (Dynamic Aftershocks) दर्ज किए जाने के कारण लोगों में भारी दहशत है और लाखों नागरिक रातभर खुले मैदानों व सड़कों पर रहने को मजबूर हैं।
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