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बिहार की कानून व्यवस्था और छात्र-युवाओं के मुद्दों पर सांसद पप्पू यादव का बड़ा ऐलान, पटना के गर्दनीबाग में बैठेंगे भूख हड़ताल पर

बिहार की सियासत में एक बार फिर से गर्माहट आ गई है और पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं, हत्याओं और खासकर छात्रों के विभिन्न मुद्दों को लेकर राजनीति पूरी तरह तेज हो गई है। इसी कड़ी में सांसद पप्पू यादव ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वे बिहार की बिगड़ती कानून व्यवस्था और छात्रों की न्यायोचित मांगों के समर्थन में पटना के ऐतिहासिक गर्दनीबाग धरना स्थल पर भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उनके इस तीखे तेवर से राज्य का राजनीतिक पारा काफी चढ़ गया है और प्रशासनिक अमले में भी हलचल तेज हो गई है। आइए जानते हैं कि आखिर किन प्रमुख कारणों और मुद्दों को लेकर पप्पू यादव सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने जा रहे हैं और इसके पीछे की पूरी सियासी कहानी क्या है।

बिहार में बढ़ती आपराधिक घटनाएं और बिगड़ती कानून व्यवस्था पर कड़ा रोष

बिहार के अलग-अलग जिलों में हाल के दिनों में सामने आई आपराधिक वारदातों और सनसनीखेज हत्याओं ने आम जनता को झकझोर कर रख दिया है। हाल ही में हाजीपुर में एक ठेकेदार की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिसके बाद से इलाके में भारी आक्रोश का माहौल है। मृतक के परिजनों से मिलने और उन्हें सांत्वना देने पहुंचे सांसद पप्पू यादव ने इस घटना पर गहरा दुख और तीव्र गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि किसी को भी दिनदहाड़े खदेड़कर गोली मार दी जा रही है। इंसान की जान इतनी सस्ती हो गई है कि पुलिस प्रशासन और सरकार हाथ पर हाथ धरकर बैठी नजर आ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग राज्य में डबल इंजन के विकास और कानून के राज की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, उन्हें यह सब क्यों दिखाई नहीं दे रहा है? इन्हीं तमाम आपराधिक मुद्दों और अपराधियों को कथित रूप से मिल रहे राजनीतिक संरक्षण के खिलाफ उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठने का यह कड़ा फैसला लिया है।

छात्रों के भविष्य और BPSC-BSSC जैसी परीक्षाओं के विवाद पर समर्थन

सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि बिहार के युवाओं और छात्रों का भविष्य भी इस समय एक बड़े संकट के दौर से गुजर रहा है। पिछले कई दिनों से राजधानी पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर छात्र, शोधार्थी (Ph.D. Scholars) और प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। बीपीएससी (BPSC), बीएसएससी (BSSC) और शिक्षक बहाली परीक्षाओं में धांधली, गलत मार्किंग, डोमिसाइल नीति और हिंदी माध्यम के छात्रों के साथ हो रहे कथित भेदभाव को लेकर युवा वर्ग में भारी असंतोष व्याप्त है। आंदोलनरत छात्रों का समर्थन करने पहुंचे सांसद पप्पू यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों की सभी जायज मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे पूरी मजबूती के साथ उनके कंधे से कंधا मिलाकर खड़े रहेंगे।

गर्दनीबाग धरना स्थल पर होगा महाआंदोलन, प्रशासन अलर्ट

सांसद पप्पू यादव के भूख हड़ताल के ऐलान के बाद पटना का गर्दनीबाग धरना स्थल एक बार फिर बड़े राजनीतिक और सामाजिक संघर्ष का केंद्र बनता नजर आ रहा है। इस एक दिवसीय उपवास और धरने के दौरान राज्यभर से हजारों की संख्या में छात्रों, युवाओं और समर्थकों के जुटने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने भी किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पप्पू यादव का यह कदम आने वाले दिनों में सरकार की मुश्किलें काफी बढ़ा सकता है, क्योंकि इसमें अपराध और शिक्षा जैसे दोनों सबसे संवेदनशील मुद्दों को एक साथ उठाया गया है।

जनता के अधिकारों की लड़ाई और आगे की राजनीतिक दिशा

पप्पू यादव ने अपने इस अभियान के जरिए यह साफ कर दिया है कि वे जनहित के मुद्दों पर चुप बैठने वाले नहीं हैं। उन्होंने न सिर्फ राज्य सरकार को घेरा है बल्कि केंद्र सरकार और व्यवस्था की कमियों पर भी खुलकर प्रहार किया है। उनका यह उपवास और भूख हड़ताल इस बात का प्रतीक है कि बिहार में विपक्षी और निर्दलीय नेता अब ज़मीनी स्तर पर सरकार को घेरने के लिए पूरी तरह से आक्रामक हो चुके हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और सरकार इस बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद छात्रों और आम जनता की इन गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।