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बीसीसीआई के राजीव शुक्ला ने की युवा श्रीलंकाई बल्लेबाज की सीधे महान सचिन तेंदुलकर से बड़ी तुलना

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मैदान पर जब भी भारत और श्रीलंका (SL vs IND) के बीच भिड़ंत होती है, तो मुकाबले हमेशा रोमांच, संघर्ष और रिकॉर्ड्स से भरे होते हैं। क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें हमेशा दोनों टीमों के दिग्गजों और बड़े खिलाड़ियों पर टिकी रहती हैं, लेकिन कई बार ऐसे मुकाबले दुनिया को कुछ ऐसे नए और उभरते हुए युवा सितारे दे जाते हैं जो भविष्य के महान खिलाड़ी बनने का माद्दा रखते हैं। भारत और श्रीलंका के बीच हाल ही में खेली गई एक रोमांचक सीरीज के दौरान श्रीलंकाई खेमे से एक ऐसा ही युवा और प्रतिभाशाली बल्लेबाज उभरकर सामने आया है, जिसने अपनी शानदार तकनीक, गजब के संयम और शॉट खेलने के अनूठे अंदाज से विरोधी गेंदबाजों के साथ-साथ क्रिकेट जगत के दिग्गजों का भी दिल जीत लिया है। इस युवा खिलाड़ी के खेल को देखने के बाद से ही खेल प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है कि क्या श्रीलंका को क्रिकेट के इस फॉर्मेट में उसका अगला सबसे बड़ा सुपरस्टार मिल चुका है।

बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने की सचिन तेंदुलकर से की गई बड़ी तुलना

इस युवा श्रीलंकाई बल्लेबाज की तकनीकी दक्षता और मैदान पर दिखाए गए गजब के आत्मविश्वास ने सिर्फ आम दर्शकों को ही नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष और वरिष्ठ राजनेता राजीव शुक्ला (Rajeev Shukla) को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। मैच के दौरान इस बल्लेबाज के शॉट्स और क्रीज पर बिताए गए समय को बारीकी से देखने के बाद राजीव शुक्ला ने खुलकर इस खिलाड़ी की तारीफ की और उसकी तुलना सीधे क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) से कर डाली। राजीव शुक्ला के इस बड़े बयान के सामने आते ही खेल जगत में हलचल मच गई, क्योंकि सचिन तेंदुलकर से किसी युवा खिलाड़ी की तुलना करना बहुत बड़ी बात मानी जाती है। उन्होंने कहा कि इस युवा खिलाड़ी की बल्लेबाजी शैली, स्ट्रेट ड्राइव लगाने का तरीका और विपरीत परिस्थितियों में भी कूल रहने का अंदाज सीधे तौर पर उनके शुरुआती दिनों के महान सचिन तेंदुलकर की याद दिलाता है।

युवा खिलाड़ी की तकनीक और संयम ने जीता पूरी दुनिया का दिल

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक दौर के टी20 और आक्रामक क्रिकेट के बीच इस युवा श्रीलंकाई बल्लेबाज ने जिस तरह से पारंपरिक क्रिकेटिंग शॉट्स का प्रदर्शन किया है, वह काबिल-ए-तारीफ है। जब श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने संकट में थी और विकेट लगातार गिर रहे थे, तब इस बल्लेबाज ने बिना किसी दबाव में आए क्रीज पर टिककर खेलना मुनासिब समझा। उसने भारतीय स्पिनर्स और तेज गेंदबाजों दोनों का बेहद करीने से सामना किया और अपने पैरों के मूवमेंट से यह साबित कर दिया कि वह लंबी रेस का घोड़ा है। उसके स्ट्रेट ड्राइव, फ्लिक शॉट और कवर ड्राइव देखकर मैदान पर कमेंट्री कर रहे पूर्व दिग्गज खिलाड़ी भी दंग रह गए। यही वजह है कि आज सोशल मीडिया से लेकर खेल के गलियारों तक इसी युवा खिलाड़ी के नाम की चर्चा हो रही है और हर कोई उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहा है।

भविष्य के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का नया पावरहाउस बनने की ओर कदम

श्रीलंका क्रिकेट टीम पिछले कुछ समय से अपने दौर के सबसे बड़े बदलाव और संक्रमणकाल से गुजर रही है, जहाँ टीम को कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने जैसे दिग्गजों के संन्यास के बाद से लगातार एक ऐसे भरोसेमंद बल्लेबाज की तलाश थी जो टीम की धुरी बन सके। इस युवा खिलाड़ी के रूप में श्रीलंका को शायद वह नायाब हीरा मिल गया है जिसकी उन्हें लंबे समय से तलाश थी। राजीव शुक्ला द्वारा की गई सचिन तेंदुलकर से तुलना इस खिलाड़ी पर दबाव तो जरूर बढ़ाएगी, लेकिन साथ ही उसे दुनिया का एक महान खिलाड़ी बनने के लिए जबरदस्त प्रेरणा भी देगी। जैसे-जैसे यह खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में और अधिक मैच खेलेगा, इसकी परीक्षा और कठिन होगी, लेकिन इसकी शुरुआत ने यह बता दिया है कि आने वाले समय में यह बल्लेबाज वैश्विक क्रिकेट के पटल पर अपनी एक अलग और लंबी छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है।