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‘हमने 250 ओवर फील्डिंग की, अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ी’: कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होने के बाद शुभमन गिल का बड़ा बयान

कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए रोमांचक मुकाबले के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैच के ड्रॉ पर खुलकर अपनी बात रखी। श्रीलंका के बल्लेबाज सोनल दिनुशा की शानदार और नाबाद 133 रनों की संघर्षपूर्ण पारी के चलते मेजबान टीम ने पांचवें दिन अपनी पारी घोषित की, जिसके बाद मैच का परिणाम ड्रॉ पर समाप्त हुआ। हालांकि, इस मुकाबले के ड्रॉ होने के बावजूद भारतीय टीम ने दो मैचों की यह टेस्ट श्रृंखला 1-0 से अपने नाम कर ली है, क्योंकि पहला टेस्ट भारत ने 165 रनों के बड़े अंतर से जीता था।

'हमने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की, कुछ भी अलग नहीं कर सकते थे'

मैच के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए कप्तान शुभमन गिल ने अपनी टीम के प्रदर्शन का पूरा बचाव किया। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार तीन दिनों तक लगभग 250 ओवरों तक मैदान पर फील्डिंग की और अपनी तरफ से जीत हासिल करने के लिए हरसंभव प्रयास किया। गिल ने श्रीलंकाई बल्लेबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने भारी दबाव के बावजूद बेहतरीन कौशल और सूझबूझ का परिचय दिया, साथ ही उन्हें थोड़ा बहुत भाग्य का भी साथ मिला। गिल के मुताबिक, ऐसी परिस्थितियों में टीम ने मैदान पर अपनी शत-प्रतिशत क्षमता झोंक दी थी और वे इससे ज्यादा कुछ और नहीं कर सकते थे।

श्रीलंका का प्रतिरोध भविष्य के लिए एक बड़ा सबक

सीरीज जीतने के बावजूद गिल ने माना कि श्रीलंकाई टीम द्वारा दिखाया गया यह कड़ा प्रतिरोध उनकी युवा टीम के लिए एक महत्वपूर्ण सीख साबित होगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से विपक्षी टीम ने मुश्किल हालात में वापसी की, वह वाकई सराहनीय था। मैच के दौरान लंच और टी ब्रेक के वक्त भी टीम के भीतर इस बात पर चर्चा हो रही थी कि गेंदबाजों और फील्डरों ने अपनी तरफ से कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। इस ड्रॉ को असफलता मानने के बजाय गिल ने इसे एक अनुभव के रूप में देखने की बात कही।

सीरीज से मिले कई सकारात्मक पहलू

शुभमन गिल ने इस पूरी श्रृंखला के दौरान भारतीय खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन पर भी संतोष जताया। उन्होंने युवा बल्लेबाजों और गेंदबाजों की तारीफ करते हुए देवदत्त पडिक्कल और केएल राहुल के शानदार प्रदर्शन को रेखांकित किया। इसके अलावा, उन्होंने स्पिनर मानव सुथार की गेंदबाजी और तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा द्वारा दोनों पारियों में दिखाए गए जज्बे की भी जमकर सराहना की। गिल ने कहा कि इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन टीम के उज्जवल भविष्य की गवाही देता है।

आगामी मुकाबलों के लिए निरंतरता है सबसे बड़ी प्राथमिकता

श्रृंखला जीतने के बाद भारतीय कप्तान ने आगामी दौरों और मैचों को लेकर अपनी रणनीति भी स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि टीम का मुख्य फोकस अब अपने द्वारा तय किए गए उच्च मानकों को बरकरार रखना है। मैदान के अंदर और बाहर, दोनों ही जगहों पर अपनी तैयारी, खेल के प्रदर्शन और कार्यशैली में निरंतरता (Consistency) बनाए रखना टीम की सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। गिल ने विश्वास जताया कि इस सीरीज से टीम को कई ऐसे सकारात्मक पहलू मिले हैं जो आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट को और मजबूत बनाएंगे।