Friday , August 28 2026

जर्मनी को 3-1 से हराकर इतिहास रच दिया! महिला हॉकी विश्व कप में भारत ने 52 वर्षों का सूखा खत्म कर हासिल किया पांचवां स्थान

भारतीय महिला हॉकी टीम ने एमस्टेलवीन के वागेनर स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में जर्मनी को 3-1 से करारी शिकस्त देकर 2026 महिला हॉकी विश्व कप का बेहद शानदार अंदाज में समापन किया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारत ने टूर्नामेंट में पांचवां स्थान हासिल कर लिया है, जो साल 1974 में हुए पहले विश्व कप के बाद से इस वैश्विक मंच पर भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय टीम का सफर बेहद शानदार रहा और उसे इस दौरान केवल एक ही मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था।

शुरुआती संघर्ष और जर्मनी का दबाव

मैच के पहले हाफ में यूरोपीय दिग्गज जर्मनी का दबदबा देखने को मिला। शुरुआती दो क्वार्टर में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर रही। जर्मनी ने लगातार आक्रामक रुख अपनाते हुए भारतीय डिफेंस पर दबाव बनाया और कई पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। हालांकि, भारतीय गोलकीपर बिचु देवी और मजबूत रक्षात्मक पंक्ति ने जर्मन खिलाड़ियों के हर प्रयास को नाकाम कर दिया। हाफ टाइम तक स्कोर बराबर रहा, लेकिन इसके बाद भारतीय टीम ने मैदान पर जो वापसी की, उसने मैच का नक्शा ही बदल दिया।

दूसरे हाफ में भारतीय शेरनियों का आक्रामक पलटवार

मध्यांतर के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और लगातार जर्मन गोलपोस्ट पर हमले शुरू किए। कप्तान सलीमा टेटे और फॉरवर्ड खिलाड़ियों ने जर्मन गोलकीपर फिंजा स्टार्क की कड़ी परीक्षा ली। आखिरकार, मुकाबले के 43वें मिनट में इशिका चौधरी ने जादुई खेल दिखाते हुए खुद मौका बनाया और शानदार रिवर्स-लिफ्ट शॉट लगाकर भारत को 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी। इस गोल ने टीम में एक नया जोश भर दिया।

नवनीत कौर का जलवा और ताबड़तोड़ गोल

इशिका के गोल के ठीक एक मिनट बाद यानी 44वें मिनट में भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला। रीटेक के दौरान अनुभवी खिलाड़ी नवनीत कौर ने शानदार स्किल का प्रदर्शन करते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इसके तुरंत बाद, अंतिम क्वार्टर की शुरुआत में ही नवनीत ने एक और बेहतरीन मैदानी गोल दागकर भारत की बढ़त को 3-0 कर दिया। जर्मनी ने मैच के अंतिम क्षणों यानी 59वें मिनट में लिन क्रिंग्स के जरिए एक गोल जरूर वापस लिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अनुभवी गोलकीपर सविता पुनिया ने अंत में शानदार बचाव करते हुए जर्मनी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया और भारत ने 3-1 से मैच अपने नाम कर लिया।

ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद अब एशियाई खेलों पर नजर

मैच के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्टार मिडफील्डर नेहा ने इस पांचवें स्थान की उपलब्धि पर बेहद गर्व महसूस किया। उन्होंने कहा कि टीम का लक्ष्य भले ही पदक जीतना था, लेकिन विश्व कप जैसे बड़े मंच पर 52 साल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना अपने आप में एक बड़ी कामयाबी है। नेहा ने यह भी स्पष्ट किया कि अब टीम का पूरा ध्यान आगामी एशियाई खेलों पर केंद्रित है, जो आगे चलकर ओलंपिक की तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम साबित होने वाले हैं। एशिया में चीन, जापान और कोरिया जैसी मजबूत टीमों की चुनौती के बीच भारतीय टीम अपनी कमियों को दूर कर लगातार कड़ी मेहनत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।