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रक्षाबंधन पर मौसम का मिजाज बिगड़ा: 28 अगस्त को यूपी-बिहार और ओडिशा समेत 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; IMD ने दी आंधी-तूफान की चेतावनी

भाई-बहन के अटूट प्रेम के पावन पर्व रक्षाबंधन पर देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 अगस्त के लिए ताजा मौसम बुलेटिन जारी करते हुए उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, झारखंड और मध्य प्रदेश समेत 14 प्रमुख राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने मजबूत साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक्टिव मॉनसून ट्रफ के असर से देश के पूर्वी, मध्य और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में बारिश का नया और तीव्र दौर शुरू हो गया है। त्योहार के दिन लगातार बारिश और आकाशीय बिजली गिरने (Lightning Strike) के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को यात्रा और घर से बाहर निकलते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

यूपी और बिहार में घने बादलों का डेरा: तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश और वज्रपात की चेतावनी

उत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाकों में मानसूनी हवाओं की सक्रियता चरम पर है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन उत्तर प्रदेश के पूर्वी और तराई बेल्ट के जिलों—जैसे गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गाजीपुर, आजमगढ़, बस्ती, देवरिया, बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती और लखनऊ के आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है। पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश और तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है।

वहीं पड़ोसी राज्य बिहार में पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, दरभंगा, कटिहार और पूर्वी व पश्चिमी चंपारण में तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और खेतों में काम करने वालों को बादलों की तेज गर्जना के दौरान तुरंत सुरक्षित पक्के आश्रय में जाने की अपील की है ताकि वज्रपात से किसी भी जनहानि से बचा जा सके।

ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल में निम्न दबाव का असर, नदियां उफान पर

ओडिशा के तटीय और आंतरिक जिलों में बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र का सीधा असर देखने को मिल रहा है। मयूरभंज, क्योंझर, बालासोर, भद्रक, कटक और पुरी जैसे जिलों में 28 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है, जिससे तटीय इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने के कारण मछुआरों को गहरे पानी में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।

झारखंड के रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और संताल परगना संभाग में लगातार रिमझिम और मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्रों, कोलकाता, हावड़ा, हुगली और उत्तरी बंगाल के सिलीगुड़ी व दार्जिलिंग में भी रुक-रुक कर भारी बारिश होने के आसार हैं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

मध्य प्रदेश, राजस्थान और पहाड़ी राज्यों का हाल: लैंडस्लाइड का खतरा

मध्य भारत के मध्य प्रदेश में भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल और ग्वालियर-चंबल संभाग में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। पूर्वी राजस्थान (कोटा, बारां, झालावाड़, उदयपुर, जयपुर) में भी स्थानीय मौसमी तंत्र के कारण तेज बारिश के स्पेल देखने को मिल सकते हैं।

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन (Landslides) और बोल्डर गिरने का खतरा मंडरा रहा है। चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने और अनावश्यक रात्रि यात्रा से बचने का निर्देश दिया गया है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड समेत पूर्वोत्तर के राज्यों में भी मध्यम से भारी मानसूनी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली-एनसीआर में बादलों की आवाजाही और उमस से राहत

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर के इलाकों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में रक्षाबंधन के दिन आसमान में घने बादलों का डेरा रहेगा। दिन के तापमान में हल्की गिरावट आएगी और उमस से राहत मिलेगी। दोपहर या शाम के समय कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और बूंदाबांदी होने की संभावना है, जिससे रक्षाबंधन पर बहनों और भाइयों के आवागमन में हल्की रुकावट या प्रमुख चौराहों पर धीमा ट्रैफिक देखने को मिल सकता है।

रक्षाबंधन पर यात्रा करने वाले नागरिकों के लिए IMD की गाइडलाइन

त्योहार के पावन मौके पर सड़क और रेल मार्ग से यात्रा करने वाले लोगों के लिए मौसम विभाग ने जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम बुलेटिन और लाइव ट्रैफिक अपडेट जरूर चेक करें।

  • बारिश के दौरान पुराने और जर्जर पेड़ों, बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर और होर्डिंग्स के नीचे खड़े होने से बचें।

  • जलभराव वाले रास्तों, अंडरपास और पुलिया पर तेज बहाव में वाहन न उतारें।

  • बिजली कड़कने के दौरान मोबाइल फोन को खुले में इस्तेमाल न करें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को प्लग से अलग रखें।

  • लंबी दूरी तय करने वाले यात्री अपने साथ छाता, रेनकोट और आपातकालीन दवाएं अवश्य साथ रखें।