
भारत सरकार के डिजिटल परिवर्तन, पारदर्शी प्रशासन और मजबूत ई-गवर्नेंस के विजन को धरातल पर उतारते हुए उत्तर मध्य रेलवे (North Central Railway – NCR) ने प्रशासनिक दक्षता के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल कर लिया है। रेलवे कर्मचारियों के यात्रा भत्तों (TA) और समयोपरी भत्तों (OT) के त्वरित, सुगम और पूरी तरह पारदर्शी निपटान के लिए उत्तर मध्य रेलवे ने अत्याधुनिक 'टोटल' (TA & OT ऑनलाइन क्लेम पोर्टल) का सफल शुभारंभ कर दिया है। इस आधुनिक वेब-आधारित डिजिटल एप्लिकेशन के शुरू होने से रेलवे के हजारों कर्मचारियों को कागजी औपचारिकताओं और लंबी फाइलों के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।
महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने किया 'टोटल' पोर्टल का उद्घाटन: इन-हाउस विकसित हुआ डिजिटल समाधान
उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय प्रयागराज में 22 सितंबर 2026 को आयोजित एक गरिमामयी समारोह के दौरान उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह द्वारा इस आधुनिक पोर्टल का औपचारिक उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर रेलवे के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ भी मौजूद रहे। रेलवे कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को पूरी तरह सुगम और हाई-टेक बनाने के उद्देश्य से इस अनूठे डिजिटल समाधान को तरुण कुमार शुक्ला (CMIT) के कुशल नेतृत्व में उत्तर मध्य रेलवे के अपने आईटी विभाग द्वारा पूरी तरह 'इन-हाउस' डिजाइन और विकसित किया गया है, जो आत्मनिर्भर भारत की भावना को भी पुष्ट करता है।
एचआरएमएस ओटीपी और लाइव ट्रैकिंग की सुविधा: मैनुअल हिसाब और मानवीय त्रुटियों से मिलेगी मुक्ति
'टोटल' पोर्टल कर्मचारियों के टीए और ओटी दावों के पूरे जीवनचक्र को बेहद सुरक्षित तरीके से कवर करता है। इस डिजिटल व्यवस्था के तहत कर्मचारी अब अपना मासिक जर्नल सीधे ऑनलाइन माध्यम से जमा कर सकेंगे। प्रणाली की सुरक्षा और गोपनीयता को सर्वोपरि रखते हुए सत्यापन प्रक्रिया को एचआरएमएस (HRMS) से पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आने वाले वन-टाइम पासवर्ड (OTP) के साथ जोड़ा गया है। इसके अलावा, कर्मचारी घर बैठे अपने क्लेम के स्टेटस को लाइव ट्रैक भी कर सकते हैं। भारतीय रेलवे स्थापना कोड के अध्याय XVI के नियमों के अनुसार भत्तों की सटीक गणना अब सिस्टम द्वारा स्वतः की जाएगी, जिससे मैनुअल हिसाब-किताब की पुरानी आवश्यकता पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और मानवीय गलतियों की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी।
67,000 से अधिक कर्मचारियों को सीधा लाभ: 20-25 दिनों में पोर्टल होगा पूरी तरह क्रियान्वित
प्रशासनिक स्तर पर यह प्रणाली अधिकारियों को बेहतर वर्कफ़्लो प्रबंधन, विस्तृत रिपोर्टिंग और आसान ऑडिट-ट्रैकिंग की सुविधा प्रदान करेगी, जिससे फाइलों के अनावश्यक रुकने या देरी होने की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। इस महत्वकांक्षी योजना के पहले चरण में यात्रा भत्ता (TA) के दावों को शामिल किया गया है, जबकि आगामी दूसरे चरण में समयोपरी (OT) दावों को भी जोड़ा जाएगा। अगले 20-25 दिनों के भीतर यह पोर्टल पूरी तरह से क्रियान्वित हो जाएगा, जिससे उत्तर मध्य रेलवे के 67,000 से अधिक सेवारत कर्मचारियों को इसका सीधा और त्वरित लाभ मिलेगा।
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