Thursday , September 24 2026

NSE IPO लिस्टिंग से पहले Macquarie का बड़ा टारगेट: शेयर को मिला ‘आउटपरफॉर्म’ टैग

भारतीय प्राथमिक पूंजी बाजार के इतिहास में गुरुवार, 24 सितंबर 2026 का कारोबारी सत्र एक ऐतिहासिक मील के पत्थर के रूप में दर्ज होने जा रहा है। देश के सबसे बड़े वित्तीय बाजार मंच नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) के इक्विटी शेयर आज दलाल स्ट्रीट पर अपनी औपचारिक शुरुआत करने जा रहे हैं। यद्यपि अनौपचारिक ग्रे मार्केट में इस विशाल निर्गम को लेकर सीमित प्रीमियम देखने को मिल रहा है, लेकिन वैश्विक संस्थागत विश्लेषकों का दीर्घकालिक नजरिया बेहद सकारात्मक बना हुआ है। बाजार में घंटी बजने से कुछ ही घंटे पहले अंतरराष्ट्रीय वित्तीय अनुसंधान फर्म मैक्वायरी (Macquarie) ने एनएसई पर अपनी व्यापक रिसर्च कवरेज शुरू करते हुए आधिकारिक निवेश नोट जारी किया है। ब्रोकरेज ने शेयर को 'आउटपरफॉर्म' (Outperform) रेटिंग प्रदान करते हुए ₹1,965 प्रति शेयर का 12-महीने का लक्ष्य मूल्य निर्धारित किया है, जो ₹1,785 के ऊपरी इश्यू प्राइस के मुकाबले लगभग 10.1 प्रतिशत की सीधी बढ़त को दर्शाता है।

मैक्वायरी ने NSE को बताया 'द डोमिनेटर': मजबूत नेटवर्क और ऑपरेटिंग कैश फ्लो का सहारा

वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मैक्वायरी ने अपनी प्राथमिक विश्लेषण रिपोर्ट में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को "The Dominator" की विशिष्ट उपाधि से नवाजा है। ब्रोकरेज का मानना है कि इक्विटी कैश, ऑप्शंस और फ्यूचर्स सेगमेंट में एनएसई की निर्विवाद बाजार हिस्सेदारी इसे घरेलू वित्तीय तंत्र का सबसे अनिवार्य बुनियादी ढांचा बनाती है। रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि एनएसई का व्यापक वित्तीय उत्पाद पोर्टफोलियो, अत्याधुनिक कम-विलंबता वाला तकनीकी ढांचा (low-latency technology stack) और अद्वितीय ट्रेडिंग लिक्विडिटी इसे अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की तुलना में असाधारण परिचालन शक्ति प्रदान करते हैं। भारत में घरेलू बचतों के वित्तीयकरण (financialization of savings) की गति तेज होने से ट्रेडिंग वॉल्यूम में होने वाली वृद्धि का सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष लाभ सीधे इस एक्सचेंज को मिलेगा। इसके अतिरिक्त, कंपनी के उद्योग-अग्रणी ऑपरेटिंग मार्जिन, मजबूत फ्री कैश फ्लो और कर्ज-मुक्त बैलेंस शीट दीर्घकालिक निवेशकों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच का काम करते हैं।

लिस्टिंग अनुमान और ग्रे मार्केट के संकेत: 1,825 से 1,830 के बीच सीमित शुरुआत के आसार

सूचीबद्धता से ठीक पहले अनौपचारिक ग्रे मार्केट से मिल रहे संकेत बहुत आक्रामक प्रीमियम की ओर इशारा नहीं कर रहे हैं। इन्वेस्टरगेन (InvestorGain) द्वारा गुरुवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार एनएसई के अनलिस्टेड शेयरों पर ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹40 प्रति शेयर के आसपास दर्ज किया गया, जो ₹1,825 के स्तर पर एक बेहद संतुलित और नपी-तुली लिस्टिंग का संकेत देता है। यह हालिया हफ्तों में देखे गए प्रीमियम का निचला स्तर है। वहीं दूसरी ओर आईपीओ वॉच (IPO Watch) के ताजा अनुमानों के मुताबिक स्टॉक में लगभग 2.5 प्रतिशत के लिस्टिंग गेन के साथ ₹1,830 के आसपास डेब्यू करने की संभावना जताई गई है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि 22,500 करोड़ रुपये से अधिक के विशाल आकार और संस्थागत आवंटन के कारण ग्रे मार्केट में अत्यधिक सट्टेबाजी सीमित रही है। वित्तीय विशेषज्ञों की स्पष्ट सलाह है कि निवेशकों को क्षणिक जीएमपी के उतार-चढ़ाव के बजाय कंपनी की एकाधिकार जैसी बाजार स्थिति, एक्सचेंज वॉल्यूम विस्तार और आय की स्थिरता को आधार बनाकर अपनी निवेश रणनीति तय करनी चाहिए।

वर्ष 2026 का सबसे बड़ा इश्यू: ₹22,561 करोड़ का पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का यह पब्लिक इश्यू ₹22,561.57 करोड़ के कुल मूल्यांकन के साथ वर्ष 2026 का अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक आईपीओ बन चुका है। यह संपूर्ण सार्वजनिक निर्गम 100 प्रतिशत ऑफर फॉर सेल (OFS) संरचना पर आधारित था, जिसके तहत मौजूदा शेयरधारकों ने अपने लगभग 12.64 करोड़ इक्विटी शेयरों का विनिवेश किया है। इस कारण आईपीओ से प्राप्त होने वाली समूची शुद्ध धनराशि सीधे बिकवाल शेयरधारकों के खातों में जाएगी और कंपनी की बैलेंस शीट में कोई नया फंड शामिल नहीं होगा। एक्सचेंज ने इस इश्यू के लिए ₹1,700 से ₹1,785 प्रति इक्विटी शेयर का मूल्य दायरा (Price Band) तय किया था, जिसमें खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम आवेदन लॉट साइज 8 शेयरों का निर्धारित किया गया था। यह निर्गम प्राथमिक बोली के लिए 17 सितंबर को खुला था और 21 सितंबर को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

5.71 गुना कुल सब्सक्रिप्शन: क्यूआईबी ने लगाई 90,000 करोड़ से अधिक की बोलियां

तीन दिवसीय आधिकारिक बोली प्रक्रिया के दौरान एनएसई आईपीओ को देश-विदेश के संस्थागत और गैर-संस्थागत निवेशकों से मजबूत प्रतिक्रिया प्राप्त हुई और यह निर्गम कुल 5.71 गुना अभिदान हासिल करने में सफल रहा। ऑफर पर रखे गए 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले बाजार से लगभग 50.58 करोड़ शेयरों के लिए वैध बोलियां दर्ज की गईं, जिसका कुल संचयी मूल्य ₹90,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया। श्रेणीवार विश्लेषण के अनुसार योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) का कोटा सबसे अधिक 12.68 गुना भरा, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों (NII/HNI) की श्रेणी 6.55 गुना सब्सक्राइब हुई। आम खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों (RII) का हिस्सा 1.39 गुना बुक हुआ, जिससे यह स्पष्ट होता है कि निर्गम की मांग का मुख्य आधार बड़े वैश्विक व घरेलू फंड रहे। इससे पूर्व, पब्लिक इश्यू खुलने से ठीक पहले एनएसई ने शीर्ष अंतरराष्ट्रीय और घरेलू एंकर निवेशकों के माध्यम से करीब ₹6,746 करोड़ की विशाल पूंजी सफलतापूर्वक जुटाई थी, जिसने पहले दिन से ही संस्थागत विश्वास को मजबूत बनाए रखा।