
बिहार की राजधानी पटना के सबसे प्रमुख और भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक क्षेत्रों में शुमार चांदनी मार्केट में शुक्रवार को अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि चंद ही मिनटों में उसने कई दुकानों और गोदामों को अपनी चपेट में ले लिया। लपटें और काले धुएं का घना गुबार कई किलोमीटर दूर से साफ देखा जा सकता था। जैसे ही आग की लपटें दुकानों से बाहर निकलीं, पूरे मार्केट परिसर और आसपास के रिहायशी इलाकों में चीख-पुकार और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। व्यापारी और स्थानीय लोग अपनी जान बचाने के लिए सड़कों की ओर भागे।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और फायर ब्रिगेड की टीमें आनन-फानन में मौके पर पहुंचीं। संकरी गलियों और घनी आबादी वाला इलाका होने के कारण बचाव कार्य शुरू करने में शुरुआत में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
15 दमकल गाड़ियों की मदद से पाया गया आग पर काबू
आग की भयावहता और लगातार फैलती लपटों को देखते हुए दमकल विभाग ने तुरंत शहर के अलग-अलग फायर स्टेशनों से अतिरिक्त गाड़ियां रवाना कीं। कुल 15 दमकल गाड़ियों (Fire Engines/Tenders) को मौके पर तैनात किया गया।
फायर फाइटर्स ने कई तरफ से पानी की बौछारें शुरू कर आग को चारों ओर से घेरने की रणनीति अपनाई:
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हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और स्प्रिंकलर का इस्तेमाल: ऊंची इमारतों और दुकानों की ऊपरी मंजिलों तक पानी पहुंचाने के लिए आधुनिक उपकरणों का सहारा लिया गया।
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संकरी गलियों में लंबा होज पाइप: मार्केट की तंग गलियों में भारी दमकल गाड़ियां अंदर नहीं जा पा रही थीं, इसलिए फायर ब्रिगेड कर्मियों ने सैकड़ों मीटर लंबे पाइप जोड़कर भीतर तक पानी पहुंचाया।
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सघन कूलिंग ऑपरेशन: करीब तीन से चार घंटे की लगातार और जोखिम भरी मशक्कत के बाद मुख्य आग पर काबू पा लिया गया, जिसके बाद अंदर सुलग रही चिंगारियों को बुझाने के लिए कूलिंग ऑपरेशन चलाया गया।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, लाखों की संपत्ति जलकर खाक
प्रारंभिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने का प्राथमिक कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। चांदनी मार्केट में इलेक्ट्रॉनिक सामान, रेडीमेड कपड़े, प्लास्टिक उत्पाद और पैकेजिंग सामग्री की बड़ी तादाद में दुकानें हैं। इन दुकानों में अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री का भंडारण होने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।
व्यापारियों का कहना है कि त्योहारी सीजन (दशहरा, दिवाली और छठ) के मद्देनजर दुकानों और गोदामों में नया स्टॉक भरकर रखा गया था। इस अग्निकांड में कई दुकानों का पूरा माल जलकर राख हो गया है, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि समय रहते दुकानों से लोगों को बाहर निकाल लिया गया था, जिससे किसी जनहानि (Casualty) की सूचना नहीं मिली है।
संकरे बाजारों में फायर सेफ्टी ऑडिट की उठी मांग
पटना के चांदनी मार्केट में हुआ यह हादसा एक बार फिर पुराने और घने बाजारों में अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) की गंभीर अनदेखी को उजागर करता है। लखनऊ के अमीनाबाद, कानपुर के सीसामऊ या दिल्ली के चांदनी चौक की तरह ही पटना का यह इलाका भी बिजली के लटकते जर्जर तारों के मकड़जाल और संकरे रास्तों की समस्या से जूझ रहा है।
व्यापारी संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील बाजारों में ओवरहेड बिजली तारों को भूमिगत किया जाए और नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से कराया जाए। साथ ही संकरे बाजारों के मुहाने पर मिनी फायर टेंडर्स या अंडरग्राउंड वॉटर हाइड्रेंट की स्थायी व्यवस्था की जाए ताकि आपात स्थिति में समय रहते त्वरित कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश और स्थिति सामान्य करने के निर्देश
जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने दमकल विभाग और बिजली विभाग की संयुक्त टीम को घटना के सटीक कारणों की जांच करने का निर्देश दिया है। नुकसान के विस्तृत आकलन के लिए राजस्व विभाग की टीम सर्वे कर रही है ताकि प्रभावित दुकानदारों को नियमानुसार राहत पहुंचाई जा सके। वर्तमान में इलाके में एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है और सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखा गया है।
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