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कानपुर के ग्रीन पार्क में युवा स्पिनर कार्तिक यादव का चला जादू

भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) में उत्तर प्रदेश की टीम ने एक बार फिर अपना दबदबा साबित कर दिया है। कानपुर के ऐतिहासिक ग्रीन पार्क स्टेडियम में खेले गए रोमांचक मुकाबले में उत्तर प्रदेश की टीम ने गोवा को 68 रनों के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी। इस मुकाबले की सबसे खास बात यह रही कि टीम के महज 19 साल के युवा स्पिन गेंदबाज कार्तिक यादव ने अपनी फिरकी का ऐसा जाल बुना कि पूरी गोवा की टीम घुटने टेकने पर मजबूर हो गई। मैच के तीसरे दिन ही गोवा की पूरी पारी महज 167 रनों पर सिमट गई, जिसमें युवा गेंदबाज कार्तिक यादव ने कातिलाना गेंदबाजी करते हुए अकेले 5 महत्वपूर्ण विकेट झटके। उत्तर प्रदेश की इस शानदार जीत के बाद क्रिकेट गलियारों में युवा कार्तिक यादव की गेंदबाजी शैली और उनके हुनर की चर्चा चारों तरफ हो रही है। इस जीत के साथ ही यूपी की टीम ने अंक तालिका में भी अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है और युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन से यह साफ हो गया है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।

कौन हैं 19 साल के चमत्कारिक स्पिनर कार्तिक यादव, जिन्होंने अपनी फिरकी से बरपाया कहर

क्रिकेट जगत में रातों-रात अपनी गेंदबाजी से सनसनी फैलाने वाले 19 वर्षीय कार्तिक यादव उत्तर प्रदेश के उभरते हुए और बेहद प्रतिभावान क्रिकेटरों में गिने जाते हैं। कम उम्र में ही अपनी टर्न होती गेंदों और सटीक लाइन-लेन्थ से बड़े-बड़े बल्लेबाजों को चकमा देने वाले कार्तिक ने घरेलू सर्किट में अपनी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। गोवा के खिलाफ इस मुकाबले से पहले भी उन्होंने अपनी गेंदबाजी से कई बार चयनकर्ताओं और वरिष्ठ खिलाड़ियों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। बाएं हाथ या अपनी विविधता भरी स्पिन गेंदबाजी से विपक्षी खेमे में खलबली मचाने वाले कार्तिक की खूबी यह है कि वे दबाव की परिस्थितियों में भी बेहद शांतचित्त होकर गेंदबाजी करते हैं। कानपुर के ग्रीन पार्क की पिच पर जहां अमूमन गेंदबाजों को संघर्ष करना पड़ता है, वहां इस युवा ने अपनी फिरकी के जादू से गोवा के अनुभवी बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने का कोई मौका नहीं दिया। पांच विकेट लेने का यह जादुई कारनामा उनके करियर का एक नया मील का पत्थर साबित हो रहा है, और खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वह इसी निरंतरता के साथ मेहनत करते रहे, तो जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर और बड़े मंचों पर खेलते हुए नजर आएंगे।

गोवा की पारी का पतन और उत्तर प्रदेश के गेंदबाजों का सामूहिक और अनुशासित प्रदर्शन

मैच के तीसरे दिन जब गोवा की टीम उत्तर प्रदेश द्वारा दिए गए लक्ष्य का पीछा करने उतरी, तो शुरुआत में उनके बल्लेबाजों ने संभलकर खेलने की कोशिश की। लेकिन कप्तान और गेंदबाजों की रणनीति के तहत जब युवा स्पिनर कार्तिक यादव को गेंद सौंपी गई, तो उन्होंने मैच का रुख ही पलट दिया। कार्तिक ने एक के बाद एक पांच बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाकर गोवा की कमर तोड़ दी। गोवा की पूरी टीम उत्तर प्रदेश के गेंदबाजों के सामने टिक नहीं पाई और देखते ही देखते पूरी टीम 167 रनों के स्कोर पर सिमट गई। कार्तिक यादव के इस पांच विकेट के हॉल (Five-wicket haul) के अलावा अन्य गेंदबाजों ने भी उनका पूरा साथ दिया, जिससे विपक्षी टीम के पास वापसी का कोई रास्ता नहीं बचा। इस प्रकार उत्तर प्रदेश ने शानदार गेंदबाजी और फील्डिंग के दम पर यह मुकाबला 68 रनों के अंतर से अपने नाम कर लिया। मैदान पर मौजूद दर्शकों ने भी खड़े होकर युवा गेंदबाज कार्तिक यादव की इस ऐतिहासिक और बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन का तालियां बजाकर स्वागत किया।

रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश की शानदार स्थिति और स्टार खिलाड़ियों का मिला साथ

इस सत्र के रणजी मुकाबलों में उत्तर प्रदेश की टीम का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। गोवा के खिलाफ इस जीत से पहले भी टीम ने बेहतरीन खेल दिखाया था, और इस मैच में स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह के शतकीय योगदान के बाद गेंदबाजों ने जिस तरह से जिम्मेदारी संभाली, वह काबिले तारीफ है। टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों के अनुभव और कार्तिक यादव जैसे युवा उदीयमान सितारों के जोश के मेल ने उत्तर प्रदेश को इस सीजन का एक बेहद खतरनाक प्रतिद्वंद्वी बना दिया है। मैच के बाद हर तरफ सिर्फ कार्तिक यादव की ही चर्चा हो रही है कि कैसे एक किशोर उम्र के खिलाड़ी ने अपनी फिरकी के जादू से पूरे मैच का नक्शा बदल दिया। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) और तमाम घरेलू क्रिकेट प्रेमी भी इस युवा की सफलता से बेहद उत्साहित हैं। आने वाले मैचों में भी टीम को अपने इस युवा स्पिनर से ऐसे ही जादुई प्रदर्शन की उम्मीद होगी, ताकि उत्तर प्रदेश इस बार रणजी ट्रॉफी के खिताब को अपने नाम करने का सपना पूरा कर सके।