
बिहार और झारखंड के राजनीतिक-प्रशासनिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया और मातम छा गया जब जन सुराज पार्टी के संस्थापक और प्रमुख राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) की कोर टीम के वरिष्ठ मैनेजर देवपालिक गुप्ता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया। देवपालिक गुप्ता पिछले कुछ दिनों से झारखंड की राजधानी रांची से बिहार की राजधानी पटना की यात्रा करते समय अचानक लापता हो गए थे। परिजनों द्वारा अनहोनी की आशंका जताते हुए स्थानीय पुलिस थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद से ही पुलिस की कई विशेष टीमें उनकी खोजबीन में जुटी हुई थीं। आखिरकार पुलिस को सर्च ऑपरेशन के दौरान उनका शव प्राप्त हुआ है। प्रशांत किशोर की टीम के एक बेहद कुशल और भरोसेमंद साथी की इस तरह से हुई रहस्यमयी मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की उच्च स्तरीय फॉरेंसिक व वैज्ञानिक जांच शुरू कर दी है।
#1 रांची से पटना की यात्रा के दौरान अचानक कट गया था संपर्क
पारिवारिक सूत्रों और जन सुराज अभियान से जुड़े सहयोगियों से मिली जानकारी के अनुसार, देवपालिक गुप्ता संगठन के कुछ बेहद महत्वपूर्ण प्रशासनिक व लॉजिस्टिक कार्यों के सिलसिले में रांची गए हुए थे। वहां अपने तमाम काम निपटाने के बाद वे चार पहिया वाहन से पटना लौटने के लिए निकले थे। सफर के बीच में ही अचानक उनका मोबाइल फोन बंद आने लगा और परिजनों का उनसे संपर्क पूरी तरह से टूट गया। जब काफी देर तक उनका कोई सुराग नहीं मिला और वे अपने गंतव्य पटना भी नहीं पहुंचे, तो उनके परिवार और जन सुराज की केंद्रीय टीम में हड़कंप मच गया। परिजनों ने बिना किसी देरी के तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में अपहरण या किसी अनहोनी की आशंका जताते हुए मामला दर्ज कराया था।
#1 फोरेंसिक टीम और पुलिस ने शुरू की जांच, हत्या या हादसा?
देवपालिक गुप्ता का शव बरामद होने के बाद स्थानीय पुलिस, सीआईडी (CID) और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के असल कारणों का सटीक खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Post Mortem Report) आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस दो मुख्य पहलुओं पर अपनी तफ्तीश आगे बढ़ा रही है—पहला, क्या यह कोई सड़क दुर्घटना (Road Accident) है, या फिर इसके पीछे कोई सोची-समझी साजिश या हत्या (Murder) का मामला है? पुलिस राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और देवपालिक गुप्ता के मोबाइल की अंतिम लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की गहन जांच कर रही है।
#1 प्रशांत किशोर की कोर टीम में निभाई थी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
देवपालिक गुप्ता राजनीतिक विश्लेषक प्रशांत किशोर की टीम के साथ काफी लंबे समय से जुड़े हुए थे। बिहार में जन सुराज पदयात्रा और संगठन के ढांचागत विस्तार में उनकी भूमिका बेहद अहम मानी जाती थी। वे अभियान के लॉजिस्टिक्स, मीडिया मैनेजमेंट, इवेंट्स और जमीनी समन्वय का काम बड़ी कुशलता से संभाल रहे थे। जन सुराज से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि देवपालिक गुप्ता बेहद शांत, मेधावी और समर्पित व्यक्ति थे, जिनकी किसी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी। उनकी अचानक हुई मौत की खबर से जन सुराज के पूरे कैडर और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
#1 जन सुराज और परिजनों ने की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच की मांग
इस दुखद घटना के सामने आने के बाद जन सुराज पार्टी और मृतक के परिजनों ने सरकार तथा पुलिस प्रशासन से मामले की त्वरित और निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। संगठन के वरिष्ठ प्रतिनिधियों का कहना है कि देवपालिक गुप्ता की मौत के पीछे छिपे पूरे सच को देश और राज्य की जनता के सामने लाया जाना चाहिए। यदि इस मामले में किसी प्रकार की आपराधिक साजिश की पुष्टि होती है, तो दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी से कडी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि स्पेशल टास्क फोर्स और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद से मामले का बहुत जल्द पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
#1 राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में गहराया शोक का माहौल
देवपालिक गुप्ता के निधन पर बिहार और झारखंड के कई प्रमुख राजनेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मीडियाकर्मियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रशांत किशोर और उनकी टीम के अन्य सदस्यों ने मृतक के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस कठिन समय में हर संभव मदद और साथ देने का भरोसा जताया है। फिलहाल हर किसी की नजरें पुलिस की आने वाली जांच रिपोर्ट और पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, ताकि देवपालिक गुप्ता के लापता होने से लेकर शव मिलने तक की पूरी कड़ी का सच सामने आ सके।
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