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Baglamukhi Jayanti 2026 : शत्रुओं पर विजय और कोर्ट-कचहरी में जीत के लिए अचूक है मां बगलामुखी की साधना,जानें मुहूर्त

News India Live, Digital Desk: दसों महाविद्याओं में से एक, स्तंभन की शक्ति रखने वाली माता बगलामुखी की जयंती इस साल 25 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को अवतरित होने वाली ‘पीताम्बरा’ देवी की साधना शत्रुओं को परास्त करने, वाक-शक्ति प्राप्त करने और जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाओं को जड़ से मिटाने के लिए की जाती है। माना जाता है कि यदि कोई भक्त सच्ची श्रद्धा से इस दिन मां की आराधना करता है, तो उसके विरोधी चाहकर भी उसका अहित नहीं कर पाते।क्यों कहलाती हैं ‘पीताम्बरा’ और क्या है इनका महत्व?माता बगलामुखी को पीला रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए उन्हें पीताम्बरा भी कहा जाता है। इनकी पूजा में पीले वस्त्र, पीले फूल और पीली हल्दी का ही प्रयोग किया जाता है। तंत्र शास्त्र के अनुसार, मां बगलामुखी की शक्ति ऐसी है कि वे शत्रुओं की बुद्धि का स्तंभन कर देती हैं, यानी विरोधी अपनी योजनाएं भूल जाता है और साधक के पक्ष में स्थितियां बनने लगती हैं।बगलामुखी जयंती 2026: शुभ मुहूर्त और योगतिथि: 25 अप्रैल 2026 (शनिवार)।अष्टमी तिथि प्रारंभ: 24 अप्रैल की शाम से।विशेष संयोग: इस साल शनिवार को जयंती पड़ने से इसका महत्व और बढ़ गया है, क्योंकि बगलामुखी साधना में न्याय और अनुशासन का बड़ा महत्व है।शत्रु बाधा दूर करने के लिए सिद्ध मंत्र (Powerful Mantras)पूजा के समय इन मंत्रों का जाप हल्दी की माला से करना विशेष फलदायी माना गया है:बगलामुखी एकाक्षरी मंत्र: > ‘ह्रीं’ (यह अत्यंत प्रभावशाली और सूक्ष्म मंत्र है)।बगलामुखी मूल मंत्र: > ‘ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा।’ (इस मंत्र का जाप शत्रुओं की बोलती बंद करने और जीत हासिल करने के लिए किया जाता है)।माता बगलामुखी की पूजा के लाभ (Benefits of Sadhna)ज़ी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, मां की साधना से निम्नलिखित फलों की प्राप्ति होती है:कानूनी मामलों में जीत: यदि आप लंबे समय से कोर्ट-कचहरी या विवादों में फंसे हैं, तो इस दिन की गई पूजा आपके पक्ष में परिणाम ला सकती है।शत्रु नाशन: गुप्त शत्रुओं और व्यावसायिक प्रतिद्वंद्वियों को शांत करने के लिए मां की कृपा अनिवार्य मानी गई है।वाक सिद्धि: जो लोग राजनीति या प्रशासनिक सेवाओं में हैं, उन्हें वाक-चातुर्य और प्रभाव बढ़ाने के लिए इनकी पूजा करनी चाहिए।बुरी नजर से बचाव: नजर दोष और नकारात्मक शक्तियों को खत्म करने के लिए मां बगलामुखी का कवच पाठ रामबाण है।पूजन विधि में रखें इन बातों का ध्यानसाधना के दौरान पीले रंग के वस्त्र ही धारण करें।पीले आसन पर बैठकर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके पूजा करें।नैवेद्य में पीले चावल या पीले रंग की मिठाइयों का भोग लगाएं।सावधानी: बगलामुखी साधना अत्यंत उग्र और अनुशासित होती है, इसलिए किसी विद्वान या गुरु के परामर्श के बिना गहरी तांत्रिक साधना से बचें।