
ढाका/नई दिल्ली। बांग्लादेश की राजनीति में आज, 17 फरवरी 2026 का दिन एक ऐतिहासिक मोड़ के रूप में दर्ज होने जा रहा है। करीब तीन दशकों से अधिक समय तक ‘दो बेगमों’ (खालिदा जिया और शेख हसीना) के इर्द-गिर्द घूमने वाली सत्ता की कमान अब तारीक रहमान के हाथों में होगी। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन तारीक रहमान आज शाम 4 बजे देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में पद की शपथ लेंगे। यह समारोह किसी राजमहल के बजाय जनता की चुनी हुई संसद के ‘साउथ प्लाजा’ में आयोजित किया जा रहा है, जो अपने आप में एक बड़ा संदेश है।36 साल का इंतजार खत्म: पहले पुरुष प्रधानमंत्रीबांग्लादेश के इतिहास में यह एक बड़ा बदलाव है। साल 1990 में काजी जफर अहमद के पद छोड़ने के बाद से बांग्लादेश में अब तक केवल महिला प्रधानमंत्री (खालिदा जिया और शेख हसीना) ही रही हैं। तारीक रहमान 36 साल बाद देश की कमान संभालने वाले पहले पुरुष प्रधानमंत्री होंगे।ऐतिहासिक जीत: 13वें संसदीय चुनाव में बीएनपी ने 297 में से 209 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है।विपक्ष का हाल: कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी 68 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि शेख हसीना की अवामी लीग इस चुनाव से बाहर रही।संसद के साउथ प्लाजा में शपथ: परंपरा से हटकर फैसलालंबे समय से चली आ रही परंपरा को तोड़ते हुए, शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन (बंगभवन) के बजाय जातीय संसद के साउथ प्लाजा में आयोजित किया जा रहा है।वजह: अधिकारियों के अनुसार, मेहमानों की भारी संख्या (लगभग 1,200 घरेलू और विदेशी अतिथि) के कारण बंगभवन का दरबार हॉल छोटा पड़ रहा था।शेड्यूल: सुबह 9:30 बजे नवनिर्वाचित सांसद शपथ लेंगे, जिसके बाद दोपहर 4:00 बजे राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन, तारीक रहमान और उनके नए मंत्रिमंडल को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे ओम बिरलापड़ोसी देश के इस महत्वपूर्ण आयोजन में भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शिरकत करेंगे।साथी दल: उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिसरी और लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह भी मौजूद रहेंगे।पीएम मोदी क्यों नहीं गए? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रण मिला था, लेकिन आज मुंबई में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ उनकी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता और दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट के कारण वे शामिल नहीं हो सके।भारत का संदेश: विदेश मंत्रालय ने कहा कि ओम बिरला की भागीदारी दोनों देशों के बीच गहरी मित्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।इन 13 देशों के नेताओं को भी न्योताबांग्लादेश की नई सरकार ने क्षेत्रीय सहयोग को मजबूती देने के लिए भारत के अलावा चीन, पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्किए, यूएई, कतर, मलेशिया, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव, भूटान और ब्रुनेई के नेताओं को भी आमंत्रित किया है।
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