
News India Live, Digital Desk : बसंत पंचमी का नाम सुनते ही आंखों के सामने सरसों के पीले खेत और कानों में कोयल की कूक गूंजने लगती है। यह दिन प्रकृति के नए रंग का है और साथ ही ज्ञान की देवी मां सरस्वती के जन्मदिन (प्राकट्य दिवस) के रूप में भी मनाया जाता है। साल 2026 में भी इस पर्व को लेकर लोगों में भारी उत्साह है।लेकिन क्या आप जानते हैं? इस दिन जाने-अनजाने में हम कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जो शास्त्रों के हिसाब से सही नहीं मानी जातीं। अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में बुद्धि, ज्ञान और शांति का वास हो, तो इन बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।इस दिन क्या करना सबसे शुभ है? (Do’s)पीले रंग का जादू: इस दिन ‘पीला रंग’ मां सरस्वती को बहुत प्रिय है। कोशिश करें कि नहाने के बाद पीले कपड़े पहनें। अगर पीले कपड़े नहीं हैं, तो कम से कम एक पीला रुमाल या दुपट्टा साथ रख लें।किताबों और कलम की पूजा: जो लोग पढ़ाई करते हैं या किसी भी तरह की कला (म्यूजिक, पेंटिंग) से जुड़े हैं, वो इस दिन अपने वाद्य यंत्रों, कॉपी-किताबों और कलम की पूजा जरूर करें। माना जाता है कि ऐसा करने से उन चीज़ों में मां का आशीर्वाद आ जाता है।छोटे बच्चे की शुरुआत: अगर आपके घर में कोई छोटा बच्चा है जिसे आप पहली बार लिखना सिखाना चाहते हैं, तो बसंत पंचमी का दिन इसके लिए ‘सर्वोत्तम’ है। इसे विद्यारंभ कहते हैं।पीला खाना: इस दिन खाने में भी पीले चावल (मीठे चावल), बेसन के लड्डू या बूंदी का प्रसाद चढ़ाना बहुत शुभ होता है।सावधान! ये गलतियां भूलकर भी न करें (Don’ts)दोस्तों, उत्साह में हम अक्सर नियमों को भूल जाते हैं। बसंत पंचमी के दिन कुछ चीजों से सख्त परहेज करना चाहिए:देर तक सोना: यह ऊर्जा का त्योहार है। इस दिन देर तक सोकर अपना समय बर्बाद न करें। सुबह जल्दी उठें और स्नान करके ताजगी महसूस करें।वाणी पर नियंत्रण: मां सरस्वती ‘वाणी’ (आवाज़) की देवी भी हैं। इस दिन घर में झगड़ा न करें, किसी को गाली न दें और न ही किसी बड़े-बुजुर्ग का अपमान करें। कड़वे शब्द बोलने से मां नाराज हो सकती हैं।काला रंग: इस शुभ दिन पर काले या बहुत गहरे रंग के कपड़े पहनने से बचें। काला रंग अक्सर निराशा का प्रतीक माना जाता है, और यह खुशी का त्योहार है।मांस-मदिरा से दूरी: यह एक पवित्र दिन है। इस दिन घर में नॉन-वेज या शराब का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। सात्विक भोजन ही ग्रहण करें।पेड़-पौधों को नुकसान: वसंत प्रकृति का उत्सव है। इस दिन किसी भी पेड़, पौधे या कली को तोड़ना अशुभ माना जाता है। प्रकृति का सम्मान करें।बसंत पंचमी एक ‘अबूझ मुहूर्त’ भी है, यानी इस दिन बिना पंचांग देखे कोई भी शुभ काम (जैसे शादी, मुंडन, गृह प्रवेश) किया जा सकता है। तो तैयारी शुरू कीजिये और पीले रंग में रंग जाइये!
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