
News India Live, Digital Desk: सनातन धर्म में सूर्य देव को प्रत्यक्ष देवता माना गया है। जब भी रविवार के दिन ‘सप्तमी’ तिथि का संयोग बनता है, तो उसे ‘भानु सप्तमी’ कहा जाता है। साल 2026 में आ रही भानु सप्तमी का महत्व ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास है। मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव की विशेष पूजा करने से न केवल रोगों से मुक्ति मिलती है, बल्कि करियर में अपार सफलता और आत्मविश्वास (Self-confidence) में भी वृद्धि होती है।भानु सप्तमी 2026: कब है शुभ मुहूर्त?पंचांग के अनुसार, साल 2026 में फाल्गुन मास की भानु सप्तमी 22 फरवरी, रविवार को मनाई जाएगी।सप्तमी तिथि प्रारंभ: 21 फरवरी 2026 को देर रात।सप्तमी तिथि समाप्त: 22 फरवरी 2026 की शाम तक।सर्वोत्तम समय: सूर्योदय के समय अर्घ्य देना और पूजा करना सबसे फलदायी माना जाता है।सफलता के लिए अचूक उपाय (Success Mantras)यदि आप लंबे समय से नौकरी या व्यापार में तरक्की का इंतजार कर रहे हैं, तो इस दिन ये उपाय जरूर करें:अर्घ्य दान: तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें लाल चंदन, अक्षत और लाल फूल डालें। ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करते हुए सूर्य देव को जल अर्पित करें।आदित्य हृदय स्तोत्र: शत्रुओं पर विजय और सरकारी कार्यों में सफलता के लिए इस दिन ‘आदित्य हृदय स्तोत्र’ का पाठ करना रामबाण माना जाता है।108 नामों का जाप: सूर्य देव के 108 नामों का स्मरण करने से कुंडली में ‘सूर्य’ ग्रह मजबूत होता है, जिससे समाज में मान-सम्मान बढ़ता है।आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए मंत्रकमजोर आत्मविश्वास (Low Confidence) को दूर करने के लिए इस दिन विशेष गायत्री मंत्र या सूर्य बीज मंत्र का जाप करें:”ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः”भानु सप्तमी पर क्या दान करें?धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन दान करने का फल कई गुना बढ़कर मिलता है।गुड़ और गेहूं का दान: इससे दरिद्रता दूर होती है।तांबे के बर्तन: स्वास्थ्य लाभ के लिए तांबे की वस्तुओं का दान श्रेष्ठ है।लाल वस्त्र: इससे समाज में पद-प्रतिष्ठा बढ़ती है।वैज्ञानिक महत्वभानु सप्तमी का संबंध केवल आस्था से नहीं, बल्कि विज्ञान से भी है। इस दिन सुबह की सूर्य की किरणों (Vitamin D) के संपर्क में आने से त्वचा संबंधी रोग दूर होते हैं और शरीर की ऊर्जा प्रणाली (Energy System) रिचार्ज होती है।
UK News