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BHU Admission 2026 : BHU में दाखिले के नियमों में बड़ा बदलाव 4 साल की डिग्री के बाद सीधा PhD, BA-BEd कोर्स में भी नई व्यवस्था

News India Live, Digital Desk : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ने शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया में कई क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। नई शिक्षा नीति (NEP 2020) को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए बीएचयू प्रशासन ने स्नातक (UG) और शोध (Research) पाठ्यक्रमों के लिए नए नियमों को मंजूरी दे दी है। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव उन छात्रों के लिए है जो रिसर्च के क्षेत्र में जाना चाहते हैं अब 4 साल का ग्रेजुएशन पूरा करने वाले मेधावी छात्र बिना मास्टर डिग्री (MA/MSc) के सीधे पीएचडी (PhD) में दाखिला ले सकेंगे।4 साल का यूजी ऑनर्स और सीधा पीएचडी का रास्ताबीएचयू के नए नियमों के मुताबिक, जो छात्र 4 साल का ‘यूजी ऑनर्स विद रिसर्च’ (UG Honours with Research) कोर्स पूरा करेंगे और न्यूनतम 75% अंक (या समकक्ष सीजीपीए) हासिल करेंगे, वे सीधे पीएचडी प्रोग्राम के लिए पात्र होंगे। अब तक पीएचडी के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) अनिवार्य था, लेकिन अब स्नातक के बाद सीधे शोध में प्रवेश मिलने से छात्रों का एक साल बचेगा। यह उन छात्रों के लिए बड़ी राहत है जो अपनी उच्च शिक्षा को तेजी से पूरा करना चाहते हैं।BA-BEd और BSc-BEd (ITEP) में प्रवेश के नए नियमशिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने वाले छात्रों के लिए भी बड़ी खबर है। बीएचयू ने 4 वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (ITEP) यानी BA-BEd और BSc-BEd के प्रवेश नियमों में संशोधन किया है। अब इन पाठ्यक्रमों में दाखिला CUET के स्कोर के साथ-साथ एनसीईटी (NCET) परीक्षा के आधार पर भी होगा। विश्वविद्यालय ने इन कोर्सेज में विषयों के चयन और एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को अधिक लचीला बना दिया है, ताकि अलग-अलग बैकग्राउंड के छात्र शिक्षक बनने का अपना सपना पूरा कर सकें।CUET के जरिए प्रवेश और काउंसलिंग प्रक्रियाप्रवेश के लिए मुख्य आधार अभी भी सीयूईटी (CUET UG/PG) ही रहेगा, लेकिन सीटों के आवंटन और प्रेफरेंस एंट्री (Preference Entry) की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। बीएचयू प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि काउंसलिंग के दौरान छात्रों को अधिक विकल्प मिलेंगे और ‘मल्टीपल एंट्री-एग्जिट’ (Multiple Entry-Exit) सिस्टम के तहत क्रेडिट बैंक की सुविधा भी दी जाएगी। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन करने से पहले बीएचयू के नए सूचना बुलेटिन (Information Bulletin) को ध्यान से पढ़ें ताकि किसी भी तकनीकी गलती से बचा जा सके।कोर्स की फीस और हॉस्टल आवंटन में पारदर्शितादाखिले के नियमों के साथ-साथ विश्वविद्यालय ने फीस स्ट्रक्चर और हॉस्टल आवंटन प्रक्रिया को भी डिजिटल और अधिक पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है। नए सत्र से सभी दाखिले ‘समर्थ’ पोर्टल के जरिए मैनेज किए जाएंगे। बीएचयू के कुलपति ने कहा कि ये बदलाव शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और छात्रों के समय की बचत करने के उद्देश्य से किए गए हैं, जिससे बीएचयू वैश्विक मानकों पर खरा उतर सके।