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Bihar : मंत्री लेसी सिंह का BP चेक करने में बड़ा खेल, रिपोर्ट में हेराफेरी देख भड़कीं मंत्री डॉक्टर पर गिरी गाज

News India Live, Digital Desk: बिहार सरकार की खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह के स्वास्थ्य परीक्षण (Health Check-up) के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्णिया के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में मंत्री का ब्लड प्रेशर (BP) चेक करने के दौरान गलत रिपोर्ट देने और लापरवाही बरतने के आरोप में एक डॉक्टर पर बड़ी कार्रवाई की गई है।क्या है पूरा मामला?मिली जानकारी के अनुसार, मंत्री लेसी सिंह पूर्णिया दौरे पर थीं, जहाँ उन्होंने एक स्वास्थ्य शिविर या स्थानीय CHC का निरीक्षण किया। इसी दौरान उन्होंने अपना ब्लड प्रेशर चेक करवाया। हैरान करने वाली बात यह रही कि ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मी और डॉक्टर ने जो रिपोर्ट दी, वह मंत्री की वास्तविक शारीरिक स्थिति से मेल नहीं खा रही थी। मंत्री को संदेह हुआ कि उनके स्वास्थ्य डेटा के साथ या तो लापरवाही हुई है या जानबूझकर गलत जानकारी दर्ज की गई है।जांच में खुली पोल, डॉक्टर पर तत्काल एक्शनजब मंत्री ने इस विसंगति (Manipulation) पर नाराजगी जताई, तो तुरंत उच्च अधिकारियों को मामले की सूचना दी गई। शुरुआती जांच में पाया गया कि बीपी चेक करने की प्रक्रिया और रिपोर्ट तैयार करने में गंभीर लापरवाही बरती गई थी।दोषी पर कार्रवाई: लापरवाही बरतने वाले संबंधित डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी को तत्काल प्रभाव से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और उन्हें सेवा से हटाए जाने या निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।अधिकारियों में हड़कंप: मंत्री के कड़े रुख के बाद सिविल सर्जन ने जिले के सभी CHC और PHC को सख्त चेतावनी जारी की है।जब मंत्री सुरक्षित नहीं, तो आम जनता का क्या?इस घटना के बाद प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज है कि जब एक कैबिनेट मंत्री के स्वास्थ्य परीक्षण में इस तरह की ‘हेराफेरी’ या लापरवाही हो सकती है, तो आम जनता को मिलने वाली चिकित्सा रिपोर्ट कितनी सटीक होगी? मंत्री लेसी सिंह ने स्पष्ट किया है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में इस तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।स्वास्थ्य विभाग की साख पर सवालयह मामला केवल एक गलत बीपी रिपोर्ट का नहीं है, बल्कि यह बिहार के ग्रामीण इलाकों में तैनात डॉक्टरों की अटेंडेंस और उनकी गंभीरता पर भी सवाल उठाता है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि अब जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों की औचक जांच की जाएगी।