असम सरकार ने राज्य में आधार कार्ड (Aadhaar Card) के नियमों को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि असम मंत्रिमंडल ने नए आधार कार्ड जारी करने की प्रक्रिया पर एक …
Read More »TMC Crisis Deepens: ममता बनर्जी को लगा अब तक का सबसे बड़ा झटका! सबसे भरोसेमंद सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय भी हुए बागी, अमित शाह से की मुलाकात
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर सुलग रही बगावत की आग अब पूरी तरह भड़क चुकी है। पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के लिए शनिवार का दिन एक बहुत बड़ा राजनीतिक झटका लेकर आया। टीएमसी के सबसे वरिष्ठ और दिल्ली की …
Read More »सिंगरौली–सोनभद्र में विश्वास, विकास और जनकल्याण का सशक्त आधार बन रही एनसीएल की सीएसआर पहलें
सिंगरौली स्थित भारत सरकार की अनुषंगी कंपनी नॉर्दर्न कोलफ़ील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) अपनी सीएसआर पहलों के माध्यम से सिंगरौली, सोनभद्र तथा आसपास के क्षेत्रों में सतत एवं समावेशी विकास को निरंतर बढ़ावा दे रही है। विशेष रूप से पिछले 12 वर्षों में एनसीएल ने सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में अनेक उल्लेखनीय कार्य किए हैं। वर्ष 2013-14 में सीएसआर व्यय ₹39 करोड़ था, जो वर्ष 2025-26 में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ ₹146 करोड़ हो गया है। विगत 12 वर्षों में एनसीएल ने सिंगरौली परिक्षेत्र में सतत सामाजिक विकास पर ₹1370 करोड़ खर्च कर विभिन्न जनकल्याणकारी पहलों के माध्यम से लगभग 10 लाख लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लायी है। कोयला मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशन में सिंगरौली, सोनभद्र तथा आसपास के क्षेत्रों में संचालित कंपनी की सीएसआर पहलें समावेशी एवं सतत विकास के लक्ष्य को साकार कर रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास, स्वच्छ पेयजल, आधारभूत संरचना निर्माण तथा ग्रामीण आजीविका जैसे क्षेत्रों में ये पहलें सिंगरौली परिक्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव ला रही हैं। विगत 12 वर्षों की स्वर्णिम सफर में विश्वास, विकास और जनकल्याण की सशक्त आधार बन रही, एनसीएल की 12 प्रमुख सीएसआर पहल निम्न हैं- 1) खनन शिक्षा को मिलेगा नया आयाम एनसीएल अपनी सीएसआर पहल के अंतर्गत सिंगरौली में लगभग 76 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किए जा रहे इंस्टीट्यूट ऑफ माइनिंग टेक्नोलॉजी को वित्तीय सहयोग प्रदान कर रही है। यह संस्थान क्षेत्र की औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप माइनिंग इंजीनियरिंग की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराएगा। संस्थान का संचालन तकनीकी शिक्षा संचालनालय, भोपाल द्वारा किया जाएगा। 2) दिव्यांगजनों के लिए पुनर्वास का सशक्त केंद्र केंद्र एवं राज्य सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लक्ष्यों को साकार करने में एनसीएल द्वारा संचालित जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र पूरक की भूमिका निभा रही है। इस केंद्र के माध्यम से एनसीएल सिंगरौली, (मध्य प्रदेश), सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) एवं सूरजपुर (छत्तीसगढ़) के दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने का सार्थक प्रयास कर रही है। कंपनी की इस सीएसआर पहल के अंतर्गत प्रतिवर्ष लगभग 2,000 दिव्यांगजन स्पीच थेरेपी, फिजियोथेरेपी, आवश्यक परामर्श, कृत्रिम उपकरण एवं अन्य पुनर्वास सेवाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। 3) गंभीर/जानलेवा बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए सहारा बनी ‘चरक’ योजना एनसीएल ‘चरक – कम्युनिटी हेल्थ: ए रिस्पॉन्सिव एक्शन फॉर कोयलांचल’ सीएसआर पहल के माध्यम से कंपनी की परिचालन परिधि (सिंगरौली परिक्षेत्र) में निवासरत लोग, जो चिह्नित गंभीर/जानलेवा बीमारियों जैसे– कैंसर, टीबी, एचआईवी, हृदय रोग, किडनी प्रत्यारोपण जैसे रोगों ग्रस्त हैं एवं आर्थिक रूप से कमजोर हैं, को निःशुल्क उपचार उपलब्ध करवा रही है। अभी तक कुल ₹8.50 करोड़ के प्रावधान के साथ संचालित इस परियोजना के अंतर्गत जीवन-घातक बीमारियों से पीड़ित 13 मरीजों को वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है। 4) काशी में बना आधुनिक वृद्धाश्रम एनसीएल द्वारा वाराणसी में 24.76 करोड़ रुपये की लागत से 100 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक वृद्धाश्रम का निर्माण कराया गया है, जिसका उद्घाटन स्वयं माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा किया गया। वरिष्ठ नागरिकों के लिए निर्मित यह सुविधा आश्रयहिन वृद्धजनों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं गुणवत्तापूर्ण आवास तथा देखभाल उपलब्ध कराएगी। वृद्धाश्रम की देखभाल समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार की निगरानी में हो रही है। 5) हरित सीएसआर के माध्यम से पर्यावरण संवर्धन एनसीएल ने हरित सीएसआर पहलों के माध्यम से स्थानीय परिक्षेत्र की गोपद और मयार नदियों के कैचमेंट क्षेत्र की सफाई, चेक डैम और परकोलेशन डैम निर्माण जैसी गतिविधियों पर 9.53 करोड़ रुपये व्यय कर जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधार की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। इस परियोजना से क्षेत्र में जल उपलब्धता बढ़ाने और मिट्टी कटाव रोकने में सहायता मिली है। 6) सीएसआर पहल ‘कौशल’ के माध्यम से रोजगार सृजन सिंगरौली के आईटीआई वैढ़न तथा सोनभद्र के आईटीआई दुद्धी के विकास पर एनसीएल ने 3.86 करोड़ रूपये खर्च किए हैं। विभिन्न तकनीकी ट्रेडों में प्रशिक्षण के माध्यम से 1,350 से अधिक युवाओं, महिलाओं और परियोजना प्रभावित परिवारों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया गया है। 7) आदिवासी बच्चों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सोनभद्र स्थित सेवा कुंज आश्रम, चपकी में एनसीएल द्वारा किए गए समग्र विकास कार्यों से लगभग 300 आदिवासी एवं वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को लाभ मिल रहा है। परियोजना के अंतर्गत ऑडिटोरियम, इंडोर स्पोर्ट्स और तीरंदाजी प्रशिक्षण जैसी आधुनिक सुविधाएँ विकसित की गई हैं। 8) स्वास्थ्य सुविधाओं को मिला आधुनिक उपकरणों का संबल एनसीएल ने होमी भाभा कैंसर अस्पताल तथा महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र, वाराणसी सहित प्रमुख चिकित्सा संस्थानों को आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए 14 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की है। इस पहल से अब तक लगभग 2,800 मरीज लाभान्वित हुए हैं। 9) ‘नन्हा–सा–दिल–एनसीएल’ से जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को मिल रहा जिंदगी का उपहार जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के उपचार हेतु संचालित ‘नन्हा–सा–दिल–एनसीएल’ परियोजना के तहत सिंगरौली, सोनभद्र और आसपास के क्षेत्रों में 38,000 से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग की गई है। अब तक 240 बच्चों की निःशुल्क हृदय शल्य चिकित्सा कराई जा चुकी है। 10) रीवा में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी सेवाओं को मजबूती एनसीएल द्वारा सीएसआर के तहत, ‘श्याम शाह मेडिकल कॉलेज’, रीवा में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी यूनिट के विकास हेतु लगभग 6 करोड़ रुपये की वित्तिय सहायता प्रदान की गई है। 11) ‘स्मॉल होल्डर्स पोल्ट्री परियोजना’ से स्थानीय महिलाएं बन रही आत्मनिर्भर एनसीएल की ‘स्मॉल होल्डर्स पोल्ट्री परियोजना’ आदिवासी परिवारों, विशेषकर महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस योजना से अब तक 1,050 आदिवासी परिवार लाभान्वित हुए हैं और बैकवर्ड लिंकेज से 1,500 अतिरिक्त परिवारों को निकट भविष्य में लाभ मिलेगा। 12) चितरंगी में 10 हजार से अधिक घरों का विद्युतीकरण एनसीएल द्वारा सीएसआर के तहत, चितरंगी ब्लॉक में 10,253 घरों का विद्युतीकरण किया गया है,, जिससे लगभग 40,000 लोगों के जीवन स्तर में सुधार आया है। विश्वास, विकास और जनकल्याण के संकल्प पर सदैव अटल एनसीएल एनसीएल की ये परियोजनाएँ केवल बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का आधार बन रही हैं। खदानों से निकलने वाली ऊर्जा से देश को रोशन करने और अपनी सामाजिक पहलों से जन-जन के चेहरों पर मुस्कान लाने का यह 12 साल का सफर यह भरोसा देता है कि एनसीएल की प्राथमिकता में स्थानीय समुदाय का विश्वास, विकास और जनकल्याण सदैव शामिल रहेंगे।
Read More »वैश्विक ऑनलाइन योग कार्यक्रम 14 जून को: यू ट्यूब लाइव द्वारा योग स्ट्रीम के लिए सबसे अधिक दर्शकों का विश्व रिकॉर्ड बनाने का उद्देश्य
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IDY) 2026 की तैयारी के तहत, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार, मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (MDNIY) और Habuild के सहयोग से 14 जून 2026 को एक ऐतिहासिक वैश्विक ऑनलाइन योग कार्यक्रम आयोजित करेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य यू ट्यूब लाइव योग स्ट्रीम के लिए “सबसे अधिक दर्शक” …
Read More »भारत का 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का मार्ग उसके खेतों, किसानों और गाँवों से होकर गुजरता है : लोक सभा अध्यक्ष
लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने आज कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा उसके खेतों, किसानों और गाँवों से होकर गुजरती है। उन्होंने कहा कि सतत कृषि, नवाचार और अनुसंधान ‘विकसित भारत@2047’ के संकल्प को साकार करने के प्रमुख आधार हैं। पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक के प्रभावी समन्वय के माध्यम से भारत वैश्विक कृषि नेतृत्वकर्ता के रूप में उभरने की क्षमता रखता है। श्री बिरला “विकसित भारत@2047 के लिए सतत कृषि : परंपरा, प्रौद्योगिकी और ठोस परिणाम” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। यह सम्मेलन नई दिल्ली में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। अपने संबोधन में श्री बिरला ने कहा कि भारत में कृषि केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि देश की संस्कृति, सभ्यता और जीवन-दर्शन का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने, सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने तथा समावेशी विकास को गति देने में कृषि की केंद्रीय भूमिका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत के गाँव उसकी वास्तविक शक्ति हैं और किसान देश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक संरचना के भी आधार स्तंभ हैं। जलवायु परिवर्तन तथा वैश्विक परिस्थितियों में हो रहे तीव्र बदलावों से उत्पन्न चुनौतियों का उल्लेख करते हुए लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान समय में विज्ञान-आधारित, अनुसंधान-संचालित और नवाचार-केंद्रित कृषि की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक कृषि ज्ञान और अत्याधुनिक तकनीकों का समन्वय ही ऐसे कृषि पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर सकता है जो टिकाऊ, लाभकारी और भविष्य की चुनौतियों के प्रति सक्षम हो। श्री बिरला ने कृषि विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, वैज्ञानिकों और नवप्रवर्तकों को भारत के कृषि भविष्य का प्रमुख आधार बताते हुए कहा कि ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा विश्लेषण और डिजिटल खेती जैसी उन्नत तकनीकें कृषि को अधिक सटीक, दक्ष और उत्पादक बना रही हैं। उन्होंने ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान करने तथा किसानों की आय और आजीविका में सुधार के लिए कृषि-आधारित उद्योगों, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और कृषि स्टार्टअप्स के विस्तार पर भी बल दिया। पर्यावरणीय चुनौतियों पर चर्चा करते हुए श्री बिरला ने जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों के प्रभावी उपयोग, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता, उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा जलवायु-अनुकूल फसल किस्मों के विकास के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कृषि उत्पादकता और स्थिरता को सुदृढ़ बनाने हेतु भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और वैज्ञानिक समुदाय द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवाओं की ऊर्जा, महिलाओं का नेतृत्व और जमीनी स्तर पर विकसित हो रहे नवाचार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा और गति प्रदान करेंगे। श्री बिरला ने शिक्षकों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं और किसानों का आह्वान किया कि वे मिलकर ऐसे आत्मनिर्भर कृषि मॉडल विकसित करें जो दीर्घकालिक समृद्धि और सतत विकास सुनिश्चित कर सकें। सम्मेलन में उपस्थित प्रतिनिधियों को शुभकामनाएँ देते हुए लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि यह आयोजन देश की सामूहिक बौद्धिक क्षमता और रचनात्मक चिंतन का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘विकसित भारत@2047’ का लक्ष्य तभी साकार होगा जब नागरिक, शैक्षणिक संस्थान, सामाजिक संगठन और नीति-निर्माता साझा दृष्टिकोण और समन्वित प्रयासों के साथ आगे बढ़ेंगे। कार्यक्रम की सफलता के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए श्री बिरला ने कहा कि आगामी दो दिनों में होने वाले विचार-विमर्श कृषि शिक्षा, अनुसंधान और सतत कृषि पद्धतियों को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सम्मेलन के निष्कर्ष किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के साथ-साथ भारत की आत्मनिर्भरता और विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा को नई गति प्रदान करेंगे।
Read More »2 तिहाई बहुमत के लिए बीजेपी की बड़ी घेराबंदी: TMC और उद्धव सेना में महा-बगावत से हिला विपक्ष
भारतीय सियासत के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। केंद्र की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाला एनडीए (NDA) गठबंधन इस समय संसद में 'सुपर-मेजॉरिटी' यानी दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए हर मुमकिन राजनीतिक बिसात बिछा …
Read More »अब हर गतिविधि पर रहेगी तीसरी आंख की नजर, हाईटेक CCTV और लाइव मॉनिटरिंग से सुरक्षित होगा यात्रियों का सफर
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से रोडवेज बसों में सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक बेहद शानदार और राहत भरी खबर सामने आ रही है। भीलवाड़ा रोडवेज प्रशासन ने यात्री सुरक्षा और बसों के सुचारू संचालन को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब रोडवेज परिसर और …
Read More »धौली प्याऊ और मालगोदाम रोड पर ताबड़तोड़ छापेमारी, 10 होटल सील और 35 को नोटिस
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में अवैध निर्माण और बिना मानकों के चल रहे होटल-गेस्ट हाउस के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। धौली प्याऊ क्षेत्र और मालगोदाम रोड पर विकास प्राधिकरण और पुलिस की संयुक्त टीम ने अचानक छापेमारी कर होटलों की …
Read More »Sandeep Ghosh House Demolition: पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के घर पर चलेगा बुलडोजर! कोलकाता नगर निगम का अल्टीमेटम, बचे हैं सिर्फ 2 दिन
आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक तरफ जहां वह अस्पताल में हुए बड़े वित्तीय भ्रष्टाचार और गंभीर घोटालों के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद से सलाखों के …
Read More »3 दोस्तों की मौत का रहस्यमयी ‘डेथ लूप’: वडोदरा में 24 घंटे में 2 रूम पार्टनर्स ने किया सुसाइड, तीसरे ने बिहार में दी जान
गुजरात के औद्योगिक शहर वडोदरा से लेकर बिहार के ग्रामीण अंचलों तक एक बेहद चौंकाने वाली और रूह कपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों को पूरी तरह से सन्न कर दिया है। वडोदरा के मकरपुरा औद्योगिक इलाके में रहने वाले दो सगे दोस्तों …
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