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Delhi Weather Update: दिल्ली-NCR में मूसलाधार बारिश से 9 डिग्री गिरा पारा, 3 साल में जुलाई का सबसे ठंडा दिन

राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर (NCR) क्षेत्रों में कई मौसमी प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से हुई जोरदार बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। बीते कई दिनों से भीषण उमस झेल रहे दिल्लीवासियों को इस बारिश से जबरदस्त राहत मिली है। जहां कुछ दिन पहले तक 'फील्स लाइक' (महसूस होने वाला) तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं 24 घंटे के भीतर अधिकतम तापमान में 9 डिग्री सेल्सियस की सीधी गिरावट दर्ज की गई और पारा 29 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। यह पिछले तीन वर्षों में जुलाई महीने का सबसे कम अधिकतम तापमान है। इससे पहले 8 जुलाई 2023 को तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

कहां हुई कितनी बारिश? जानें अलग-अलग इलाकों के रिकॉर्ड आंकड़े

मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में इस साल जुलाई के दौरान अब तक 258.2 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य मासिक औसत (209.7 मिमी) से काफी अधिक है। मंगलवार को राजधानी के अलग-अलग केंद्रों पर रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई:

  • पूसा (Pusa): 88.5 मिमी (शहर में सबसे अधिक)

  • महरौली (Mehrauli): 79.0 मिमी

  • जनकपुरी (Janakpuri): 77.0 मिमी

  • लोधी रोड (Lodhi Road): 68.8 मिमी

  • सफदरजंग (Safdarjung): 57.6 मिमी

सफदरजंग में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री कम होकर 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे दिन के साथ-साथ रात के मौसम में भी ठंडक महसूस की गई।

एक साथ सक्रिय हुए 4 मौसमी तंत्र, IMD ने जारी किया अलर्ट

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय उत्तर भारत में चार मुख्य मौसमी प्रणालियां एक साथ मिलकर काम कर रही हैं। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम पूर्वी हवाएं, अरब सागर की पश्चिमी हवाएं, ओडिशा के ऊपर बना 'गहरा निम्न दबाव' (Deep Depression) और पश्चिमी हिमालय में सक्रिय 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbance) आपस में मिलकर दिल्ली-एनसीआर में मूसलाधार बारिश का कारण बने हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के मुताबिक बुधवार को मध्यम बारिश और गुरुवार को हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।

स्काईमेट की सलाह: पहाड़ी राज्यों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें

निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी 'स्काईमेट' के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने बताया कि ओडिशा के ऊपर बना चक्रवाती तंत्र अब उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत की ओर खिसक रहा है। इसके प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर में अगले 2 से 3 दिनों तक रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा।

यात्रियों के लिए सलाह: मौसम विशेषज्ञों ने आम जनता को अगले कुछ दिनों तक उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की यात्रा से बचने की सख्त हिदायत दी है, क्योंकि वहां भारी बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के निचले इलाकों में अचानक बाढ़ (Flash Flood) आने की आशंका व्यक्त की गई है।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आधिकारिक बुलेटिन और मौसम विशेषज्ञों द्वारा जारी आंकड़ों पर आधारित है।)