
News India Live, Digital Desk: Indian Politics : राजनीति में अक्सर इतिहास को लेकर नए-नए दावे होते रहते हैं, और अब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने एक ऐसा ही दावा करके सबको चौंका दिया है। झारखंड के गोड्डा में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और जयपुर की महारानी गायत्री देवी (Gayatri Devi) के संबंधों पर बड़ा बयान दिया है। दुबे ने आरोप लगाया है कि इंदिरा गांधी, गायत्री देवी से इतनी ईर्ष्या करती थीं कि उन्होंने महारानी को तिहाड़ जेल भिजवा दिया था। यह एक बड़ा राजनीतिक आरोप है जिसने इतिहास को फिर से सोचने पर मजबूर किया है।क्या था निशिकांत दुबे का दावा?निशिकांत दुबे ने अपने बयान में कहा, “इंदिरा गांधी जी, जयपुर की महारानी गायत्री देवी से बहुत ईर्ष्या करती थीं। इसका मुख्य कारण था उनकी सुंदरता और उनकी अपार लोकप्रियता।” उन्होंने दावा किया कि इंदिरा गांधी की इस ईर्ष्या के चलते ही गायत्री देवी को दिल्ली की तिहाड़ जेल भेज दिया गया था, जबकि उन पर लगाए गए सभी आरोप ‘झूठे’ और ‘मनगढ़ंत’ थे। यह इंदिरा गांधी बनाम गायत्री देवी की कहानी को एक नए विवाद में डालता है।यह बात निशिकांत दुबे ने गोड्डा में गायत्री देवी के जीवन और राजनीति पर आधारित एक फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए कही। इस प्रदर्शनी का आयोजन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय (Ministry of Culture) द्वारा ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के तहत किया गया था।सियासत और इतिहास को जोड़ा वर्तमान सेदुबे ने इस दौरान अपने दावे को वर्तमान राजनीति से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे नेताओं पर “झूठे आरोप” लगाए जाते हैं, लेकिन “जीत हमेशा सत्य की ही होती है”। उन्होंने महारानी गायत्री देवी की 1962 के चुनाव में रिकॉर्ड जीत का भी ज़िक्र किया, जहाँ उन्होंने भारतीय इतिहास के सबसे बड़े मार्जिन (रिकॉर्ड वोट मार्जिन) से चुनाव जीता था।उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सत्य हमेशा असत्य पर हावी रहता है, और समय के साथ सच्चाई बाहर आ ही जाती है। यह दावा कांग्रेस और बीजेपी के बीच एक नई बहस छेड़ सकता है। भारत की राजनीति में ऐसी बातें अक्सर चर्चा में रहती हैं।कौन थीं महारानी गायत्री देवी?जयपुर की पूर्व महारानी गायत्री देवी न सिर्फ़ अपनी खूबसूरती के लिए जानी जाती थीं, बल्कि वे एक कद्दावर राजनीतिज्ञ भी थीं। उनकी लोकप्रियता ऐसी थी कि वे गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में ‘दुनिया के सबसे बड़े चुनावी अंतर’ से जीतने वाली महिला के तौर पर दर्ज हैं। निशिकांत दुबे का यह बयान राजघराने और सियासत के एक पुराने पन्ने को फिर से पलट रहा है, जिस पर आने वाले दिनों में और चर्चा देखने को मिल सकती है।
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