
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और औद्योगिक राजधानी कानपुर के बीच बेहतर और सुगम यातायात के लिए निर्माणाधीन 'लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे' (Lucknow-Kanpur Expressway) को लेकर एक बेहद बड़ा और खुशखबरी भरा अपडेट सामने आया है। बढ़ती यातायात क्षमता और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और राज्य सरकार ने इस बहुप्रतीक्षित एक्सप्रेसवे का व्यापक विस्तार करने की योजना तैयार की है। नए प्रस्ताव के अनुसार, एक्सप्रेसवे की चौड़ाई को 6 लेन से बढ़ाकर प्रमुख खंडों व सर्विस रोड्स के साथ कुल 10 लेन तक विस्तारित करने का खाका तैयार किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद लखनऊ और कानपुर के बीच की दूरी तय करने में महज 35 से 45 मिनट का समय लगेगा, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय आधा हो जाएगा।
वर्तमान में लखनऊ के शहीद पथ से कानपुर के आजाद चौराहा को जोड़ने वाले इस मार्ग पर रोजाना भारी ट्रैफिक और भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है। इस एक्सप्रेसवे के विस्तार से न केवल आम यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि उन्नाव, शुक्लागंज और आसपास के बड़े इलाकों की कनेक्टिविटी भी विश्वस्तरीय हो जाएगी।
10 लेन विस्तार, नए एलिवेटेड सेक्शन और एक्सप्रेसवे की प्रमुख विशेषताएं
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को एक 'हाइब्रिड मॉडल' के तहत डिजाइन किया जा रहा है, जिसमें एलिवेटेड और एक्सेस-कंट्रोल्ड (Access-Controlled) दोनों तरह के स्ट्रेच शामिल हैं। परियोजना के नए ब्लूप्रिंट के तहत:
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6 से 10 लेन का ढांचा: मुख्य एक्सप्रेसवे 6-लेन का होगा, जिसके दोनों तरफ 2-2 लेन की सर्विस रोड और प्रमुख इंटरचेंज पॉइंट्स पर अतिरिक्त लेन जोड़कर इसे कुल 10 लेन की क्षमता प्रदान की जाएगी।
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विशाल एलिवेटेड रोड: लखनऊ के अमौसी हवाई अड्डे के पास से उन्नाव के बनी तक लगभग 18 किलोमीटर लंबा एक विशाल 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है, जिससे शहरी ट्रैफिक पूरी तरह से अलग रहेगा।
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रिंग रोड और डिफेंस कॉरिडोर से डायरेक्ट लिंक: यह एक्सप्रेसवे लखनऊ आउटर रिंग रोड और कानपुर आउटर रिंग रोड को आपस में जोड़ेगा। इसके अलावा, यूपी डिफेंस कॉरिडोर के लखनऊ और कानपुर नोड्स को भी इस एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे भारी मालवाहक वाहनों को निर्बाध गति मिलेगी।
इस एक्सप्रेसवे के बनने से न केवल दो शहरों के बीच का सफर आसान होगा, बल्कि यह पूरा क्षेत्र एक विशाल 'ट्विन सिटी कॉरिडोर' के रूप में विकसित होगा। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर नए लॉजिस्टिक पार्क, वेयरहाउसिंग हब और औद्योगिक पार्क विकसित किए जाने की योजना है, जिससे राज्य में हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
परियोजना के समय पर कार्यान्वयन और अत्याधुनिक तकनीक के प्रयोग से यह उत्तर प्रदेश का सबसे व्यस्त और आधुनिक एक्सप्रेसवे साबित होने जा रहा है। सरकार का लक्ष्य आगामी 2026-27 तक इस पूरी परियोजना के प्रमुख हिस्सों को यातायात के लिए पूरी तरह से खोलने का है।
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