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Mission 2026: क्या बंगाल और केरल विधानसभा चुनाव में उतरेंगे मोदी सरकार के दिग्गज मंत्री? जानें BJP का मेगा प्लान

News India Live, Digital Desk: पश्चिम बंगाल और केरल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव (Assembly Elections 2026) के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी रणनीति के स्तर को काफी ऊपर उठा दिया है। खबरों के अनुसार, पार्टी इस बार एक साहसिक और आक्रामक कदम उठाते हुए केंद्र सरकार के कई कैबिनेट और राज्य मंत्रियों को चुनावी मैदान में उतारने की योजना बना रही है। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर एक मजबूत नेतृत्व विकल्प पेश करना और दोनों राज्यों में अपनी उपस्थिति को निर्णायक बनाना है।बीजेपी की रणनीति: ‘सेंट्रल हेवी’ दांवपार्टी सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में हुई हाई-लेवल कोर कमेटी की बैठक (12 मार्च 2026) में उम्मीदवारों के नामों पर मंथन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में केरल और बंगाल की कम से कम 100-100 सीटों पर चर्चा हुई।पश्चिम बंगाल: बीजेपी यहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ एक ‘सामूहिक नेतृत्व’ और ‘विकास के चेहरे’ के साथ उतरना चाहती है। राज्य इकाई के अध्यक्ष सुकंत मजूमदार (जो खुद केंद्रीय मंत्री हैं) और शुभेंदु अधिकारी जैसे नेताओं के साथ-साथ कुछ अन्य केंद्रीय मंत्रियों को भी विधानसभा चुनाव लड़ाने पर विचार चल रहा है।केरल: यहाँ बीजेपी का लक्ष्य ‘मिशन 2026’ के तहत तीसरी ताकत के रूप में उभरना है। पार्टी सुरेश गोपी (थ्रिसूर से सांसद और केंद्रीय मंत्री) और राजीव चंद्रशेखर जैसे लोकप्रिय चेहरों को राज्य की राजनीति में बड़ी भूमिका सौंप सकती है।क्यों मंत्रियों को लड़ाना चाहती है पार्टी?एंटी-इन्कंबेंसी का मुकाबला: केंद्रीय मंत्रियों के अनुभव और उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों के आधार पर पार्टी सत्ता विरोधी लहर (Anti-Incumbency) को भुनाना चाहती है।संगठनात्मक मजबूती: जब केंद्र का कोई बड़ा चेहरा चुनाव लड़ता है, तो स्थानीय कैडर और कार्यकर्ताओं का मनोबल काफी बढ़ जाता है।गंभीरता का संदेश: यह मतदाताओं को संकेत देता है कि बीजेपी राज्य में सरकार बनाने को लेकर कितनी गंभीर है और उसके पास शासन चलाने के लिए अनुभवी टीम है।इन बड़े नामों पर हो सकती है चर्चा (संभावित सूची)राज्यसंभावित उम्मीदवार (केंद्रीय स्तर के चेहरे)निर्वाचन क्षेत्र / क्षेत्रपश्चिम बंगालसुकंत मजूमदार, शांतनु ठाकुर, निशीथ प्रमाणिकउत्तर बंगाल और मतुआ बहुल क्षेत्रकेरलसुरेश गोपी, राजीव चंद्रशेखर, वी. मुरलीधरनथ्रिसूर, तिरुवनंतपुरम और पालक्कड़चुनाव की तैयारी: एक नजर मेंबंगाल: बीजेपी ने राज्य को विभिन्न जोन में बांटकर ‘वॉर रूम’ बनाए हैं। भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया जा रहा है।केरल: पार्टी यहाँ ईसाई समुदायों के साथ आउटरीच और हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण पर ध्यान केंद्रित कर रही है।