
News India Live, Digital Desk: National Security : हमारे देश की सरहदों को सुरक्षित रखने में सीमा सुरक्षा बल (BSF) का बहुत बड़ा हाथ है. लेकिन सीमाएँ आज के दौर में सिर्फ तारों या पहरेदारों से सुरक्षित नहीं रहतीं, बल्कि तकनीक भी इसमें एक बड़ा रोल निभा रही है. इसी दिशा में BSF ने एक शानदार कदम उठाया है – अपना खुद का “ड्रोन कमांडो”. यह सिर्फ एक ड्रोन नहीं है, बल्कि एक हाई-टेक निगरानी यंत्र है जिसे ‘सिंदूर’ नाम दिया गया है, और इसे देश की सुरक्षा में एक गेम चेंजर माना जा रहा है.अभी हाल ही में, ‘ऑपरेशन सिंदूर वर्ल्ड’ जैसे बड़े अभियानों के बाद सुरक्षा बनाए रखने में ऐसे ड्रोन बेहद कारगर साबित होंगे. ये कैसे हमारी सेना की मदद करेंगे और क्या हैं इनकी ख़ास बातें? चलिए जानते हैं.क्या है ये ‘ड्रोन कमांडो – सिंदूर’?’ड्रोन कमांडो’ नाम से ही अंदाज़ा लग जाता है कि यह कोई सामान्य ड्रोन नहीं है. यह बीएसएफ द्वारा ही विकसित किया गया एक विशेष मानवरहित हवाई वाहन (UAV) है. इसे विशेष रूप से हमारी सीमाओं पर और संवेदनशील इलाकों में चौबीसों घंटे निगरानी रखने के लिए तैयार किया गया है. इसकी ख़ास बात ये है कि इसे भारत में ही ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत बनाया गया है.सीमा पर इसकी क्या है ज़रूरत और कैसे करेगा मदद?हमारी सीमाएँ अक्सर दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में होती हैं जहाँ इंसानी आँखें या जवान हर कोने पर नहीं पहुँच सकते. ऐसे में यह ‘ड्रोन कमांडो’ किसी ‘साइलेंट सोल्जर’ की तरह काम करेगा.चौकन्नी निगरानी: ‘सिंदूर’ ड्रोन हवा में घंटों तक उड़कर दुश्मनों की हर चाल पर नज़र रख सकता है, चाहे घुसपैठ हो, तस्करी या किसी और तरह की संदिग्ध गतिविधि. इसके हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे दूर से भी छोटी से छोटी गतिविधि को पकड़ सकते हैं.तेज जानकारी: किसी भी घटना के बाद, जैसे कि ‘ऑपरेशन सिंदूर वर्ल्ड’ जैसी स्थितियों में, यह तुरंत ज़मीनी जानकारी (ग्राउंड इंटेल) जुटा सकता है. यह तुरंत टीम को संदिग्ध गतिविधियों या किसी खतरे के बारे में आगाह करेगा.खतरा कम करना: संवेदनशील इलाकों में या तलाशी अभियानों के दौरान जवानों को आगे भेजने से पहले ड्रोन से पूरे इलाके का जायजा लिया जा सकता है, जिससे हमारे जवानों पर खतरा कम होता है.बचाव कार्य: किसी आपातकालीन स्थिति या ऑपरेशन के बाद, यह लापता लोगों को खोजने या मुश्किल इलाकों में फंसे लोगों तक मदद पहुँचाने में भी बेहद सहायक होगा.कम ख़र्चा, ज़्यादा प्रभावी: मानवीय गश्त के मुकाबले ड्रोन से निगरानी न सिर्फ प्रभावी होती है बल्कि लंबे समय में यह ज्यादा किफायती भी है.ये ड्रोन, ‘ऑपरेशन सिंदूर वर्ल्ड’ जैसी बड़ी गतिविधियों के बाद की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किए गए हैं. अक्सर बड़े ऑपरेशनों के बाद इलाके की सुरक्षा और शांति बनाए रखना भी उतना ही अहम होता है. वहाँ ये ड्रोन लंबे समय तक और प्रभावी ढंग से निगरानी करके सेना और सुरक्षा बलों की बहुत मदद करेंगे.राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक मजबूत हथियार:’सिंदूर’ ड्रोन सिर्फ बीएसएफ के लिए ही नहीं, बल्कि हमारी पूरी राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ा कदम है. यह दिखाता है कि भारत अब सुरक्षा तकनीकों में सिर्फ निर्भर नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है. यह हमें भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार करेगा और हमारी सीमाओं को अभेद्य बनाएगा. यह सही मायने में भारत के सुरक्षा कवच को और भी मजबूत बनाएगा.
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