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नई दिल्ली। देश के सबसे व्यस्ततम रेलवे स्टेशनों में शुमार नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) अब अत्याधुनिक तकनीक से लैस होने जा रहा है। स्टेशन पर उमड़ने वाली लाखों की भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए रेल मंत्रालय ने क्यूआर (QR) कोड आधारित प्रवेश प्रणाली शुरू करने का फैसला लिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को रेल भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें स्टेशन प्रबंधन को ‘अत्याधुनिक’ बनाने के लिए समयबद्ध निर्देश जारी किए गए हैं।QR कोड से सुगम होगा सफर: ‘भारत टैक्सी’ का भी मिलेगा साथआने वाले त्योहारी सीजन (दीवाली और छठ) के दौरान स्टेशन पर होने वाली बेतहाशा भीड़ को देखते हुए, शुरुआती परियोजना (Pilot Project) के रूप में क्यूआर कोड सिस्टम लागू किया जा रहा है।व्यवस्थित प्रवेश: अब आरक्षित (Reserved), अनारक्षित (Unreserved) और मासिक पासधारकों (MST) के लिए प्रवेश द्वार व्यवस्थित होंगे।भारत टैक्सी का जुड़ाव: यात्रियों को स्टेशन से घर तक सुगम पहुंच देने के लिए ‘रेलवन ऐप’ को ‘भारत टैक्सी’ सेवा से जोड़ा जाएगा। इससे स्टेशन के बाहर होने वाली ऑटो-टैक्सी की अव्यवस्था कम होगी।AI कैमरों का पहरा: संदिग्धों पर होगी ‘तीसरी आंख’ की नजरस्टेशन परिसर की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए एआई (AI) आधारित कैमरा नेटवर्क बिछाया जाएगा।24 घंटे निगरानी: प्लेटफॉर्म, एंट्री-एग्जिट गेट और वेटिंग एरिया की एआई कैमरों से लाइव मॉनिटरिंग होगी।विशेष कंट्रोल रूम: एक हाई-टेक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा, जहां एआई सिस्टम किसी भी संदिग्ध गतिविधि या लावारिस वस्तु की तुरंत सूचना देगा।आरपीएफ की सख्ती: रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की तैनाती बढ़ाई जाएगी ताकि केवल वैध टिकट वाले यात्रियों को ही प्लेटफॉर्म तक पहुंच मिले।स्टाफ की नई पहचान: कलर-कोडेड जैकेट और ID कार्डअक्सर यात्रियों को स्टेशन पर कुलियों, वेंडरों या रेलवे स्टाफ को पहचानने में दिक्कत होती है। अब इसे आसान बनाने के लिए:कलर जैकेट: कर्मचारियों के लिए विशिष्ट रंग की जैकेट अनिवार्य होगी।पहचान पत्र: हर कर्मी के लिए आईडी कार्ड पहनना अनिवार्य होगा, जिससे जवाबदेही तय होगी और अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगेगी।76 स्टेशनों पर बनेंगे ‘ठहराव क्षेत्र’नई दिल्ली के इस मॉडल को भविष्य में देश के अन्य स्टेशनों पर भी विस्तार दिया जाएगा। वर्तमान योजना के तहत देशभर के 76 प्रमुख स्टेशनों पर ‘ठहराव क्षेत्र’ (Holding Areas) विकसित किए जा रहे हैं। यहां अनारक्षित यात्रियों को एक नियंत्रित तरीके से प्लेटफॉर्म तक भेजा जाएगा, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति पैदा न हो।
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