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NSE IPO Update: राधाकिशन दमानी से लेकर डॉली खन्ना तक, IPO आते ही इन दिग्गजों की चमकेगी किस्मत

भारतीय शेयर बाजार के सबसे बहुप्रतीक्षित 'नेशनल स्टॉक एक्सचेंज' (NSE) के IPO को लेकर निवेशकों का लंबा इंतजार खत्म होने की दहलीज पर है। एक्सचेंज ने अपने पब्लिक इश्यू के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है। यह IPO पूरी तरह से 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) मोड में होगा, जिसका अर्थ है कि NSE में पहले से निवेशित प्रमोटर और दिग्गज निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचकर भारी मुनाफा कमाएंगे। इस IPO के लिस्ट होते ही राधाकिशन दमानी जैसे बड़े खिलाड़ियों की संपत्ति में जबरदस्त इजाफा होना तय माना जा रहा है।

निवेशकों के लिए 'गोल्ड माइन' बना NSE

NSE के शेयरहोल्डर स्ट्रक्चर में भारत के सबसे सफल निवेशक और बड़े उद्योगपति शामिल हैं। यदि IPO की अनुमानित कीमत 2,000 रुपये प्रति शेयर के आधार पर देखी जाए, तो मौजूदा शेयरधारकों की संपत्ति का गणित हैरान करने वाला है:

  • राधाकिशन दमानी (Dmart प्रमोटर): एक्सचेंज में इनकी 1.58% हिस्सेदारी की वैल्यू करीब 7,817 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह उन्हें NSE के सबसे बड़े व्यक्तिगत लाभार्थियों में से एक बनाता है।

  • सुनील कांत मुंजाल (हीरो ग्रुप): उनके पास NSE के 1.02 करोड़ शेयर (0.41% हिस्सेदारी) हैं, जिनकी वैल्यू लगभग 2,040 करोड़ रुपये है।

  • एस. गोपालकृष्णन (इंफोसिस को-फाउंडर): उनके पास 0.38% हिस्सेदारी है, जिसकी वैल्यू 1,886 करोड़ रुपये तक पहुंचती है।

  • इग्नेशियस नेविल नोरोन्हा (Dmart CEO): इनके पास 0.12% हिस्सेदारी (करीब 600 करोड़ रुपये) है।

  • डॉली खन्ना (मशहूर निवेशक): दिग्गज इन्वेस्टर डॉली खन्ना के पास 15.17 लाख शेयर हैं, जिनकी वैल्यू 303 करोड़ रुपये के आसपास है।

  • अन्य निवेशक: सिद्धार्थ बालचंद्रन के पास 1,863 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी और वनजा सुंदर अय्यर के शेयरों की वैल्यू 880 करोड़ रुपये आंकी गई है।

IPO का स्ट्रक्चर और बाजार पर असर

NSE का IPO पूरी तरह से OFS आधारित है, जिसका मतलब है कि एक्सचेंज को बाजार से सीधे फंड नहीं मिलेगा, बल्कि मौजूदा शेयरधारकों को अपनी पूंजी भुनाने का अवसर मिलेगा। हालांकि, कंपनी ने यह खुलासा नहीं किया है कि इन निवेशकों ने ये शेयर किस प्रारंभिक मूल्य पर खरीदे थे, लेकिन वर्तमान बाजार मूल्यांकन के हिसाब से इनका मुनाफा अभूतपूर्व रहने वाला है। NSE का शेयर बाजार में लिस्ट होना भारतीय वित्तीय बाजार के इतिहास में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।

निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि NSE की लिस्टिंग से पारदर्शिता बढ़ेगी और निवेशकों को एक ऐसे एसेट क्लास में निवेश करने का मौका मिलेगा, जो भारतीय अर्थव्यवस्था का मुख्य स्तंभ है। हालांकि, रिटेल निवेशकों को अभी IPO के प्राइस बैंड और अलॉटमेंट प्रक्रिया का इंतजार करना होगा। लेकिन यह स्पष्ट है कि जिन दिग्गजों ने बहुत पहले NSE में दांव लगाया था, अब उनके लिए यह 'बम्पर कमाई' का मौका बनने जा रहा है।