
News India Live, Digital Desk : Pakistan Youth Movement : पाकिस्तान की सड़कों पर इन दिनों एक नई और हैरान करने वाली बगावत देखने को मिल रही है. इस बगावत का कोई एक बड़ा नेता नहीं है, इसके पीछे कोई पारंपरिक राजनीतिक पार्टी नहीं है. इसके पीछे है देश की युवा पीढ़ी, जिसे ‘जेनरेशन Z’ कहा जाता है. हाथों में स्मार्टफोन लिए, सोशल मीडिया को अपना हथियार बनाकर और दिलों में अपने भविष्य की चिंता और गुस्सा लिए यह पीढ़ी हुकूमत की जड़ों को हिला रही है.लेकिन सवाल यह है कि आखिर पाकिस्तान के यह युवा, जो अब तक खामोश माने जाते थे, अचानक सड़कों पर क्यों उतर आए हैं? चलिए, जानते हैं इस बड़े आंदोलन के पीछे की असली वजह.एक चिंगारी: “हमारे अपने कहाँ हैं?”इस पूरे आंदोलन की सबसे बड़ी और भावनात्मक वजह है’जबरन गुमशुदगी’ (Forced Disappearances) का मुद्दा. सालों से, पाकिस्तान के कई इलाकों, खासकर बलूचिस्तान में, सरकार की आलोचना करने वाले या अधिकारों की बात करने वाले लोगों को सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कथित रूप से बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के उठा लिया जाता है. उनका परिवार सालों तक नहीं जान पाता कि वे जिंदा भी हैं या नहीं.इस दर्द ने अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है.डॉ. माहरंग बलोच जैसी युवा एक्टिविस्ट इस आंदोलन का एक बड़ा चेहरा बनकर उभरी हैं, जिनके पिता को भी इसी तरह गायब कर दिया गया था. “बलूच लॉन्ग मार्च” जैसे प्रदर्शनों के जरिए ये युवा इस्लामाबाद तक पहुंच गए और पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा. वे सिर्फ एक सवाल पूछ रहे हैं – “हमारे लापता प्रियजन कहां हैं?”खराब अर्थव्यवस्था और अंधेरे में भविष्ययह गुस्सा सिर्फ जबरन गुमशुदगी तक ही सीमित नहीं है. पाकिस्तान की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था ने युवाओं के सपनों को तोड़कर रख दिया है.बेरोजगारी: अच्छी-अच्छी डिग्रियां लेने के बाद भी युवाओं के पास नौकरियां नहीं हैं.महंगाई: खाने-पीने की चीजों से लेकर हर जरूरत की चीज आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही है.असुरक्षा: युवाओं को अपना भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है. उन्हें लगता है कि सरकार उनकी समस्याओं को सुलझाने के बजाय सिर्फ अपने राजनीतिक खेल में व्यस्त है.सोशल मीडिया बना सबसे बड़ा हथियारइस पीढ़ी की सबसे बड़ी ताकत है टेक्नोलॉजी और सोशल मीडिया. जब मेनस्ट्रीम मीडिया सरकार के दबाव में उनकी आवाज नहीं दिखाता, तो वे ट्विटर (अब X), फेसबुक और इंस्टाग्राम का सहारा लेते हैं.वे हैशटैग कैंपेन चलाते हैं, लाइव वीडियो के जरिए अपनी बात पूरी दुनिया तक पहुंचाते हैं और प्रदर्शनों के लिए लोगों को इकट्ठा करते हैं. उनका स्मार्टफोन ही उनकी आवाज और उनका हथियार बन चुका है.यह सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, एक पीढ़ी का विद्रोह हैपाकिस्तान में जेनरेशन Z का यह आंदोलन सिर्फ कुछ मांगों को लेकर नहीं है, बल्कि यह पुरानी व्यवस्था के खिलाफ एक पीढ़ी का विद्रोह है. वे एक ऐसा पाकिस्तान चाहते हैं, जहां:लोगों को बिना किसी डर के बोलने की आजादी हो.कानून सबके लिए बराबर हो.सरकार युवाओं के भविष्य के बारे में सोचे.यह आंदोलन अभी किस मोड़ पर जाएगा, यह कहना मुश्किल है. सरकार इन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह युवा पीढ़ी अब चुप रहने को तैयार नहीं है. एक बात तो साफ है – पाकिस्तान की ‘जेन Z’ ने यह संदेश दे दिया है कि अब उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
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