
News India Live, Digital Desk : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और सुरक्षा को नई ऊंचाई देते हुए एक और ‘इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड’ (ELF) राष्ट्र को समर्पित की। इस अवसर पर पीएम ने जोर देकर कहा कि आधुनिक भारत अब केवल आपदाओं का इंतजार नहीं करता, बल्कि उनसे निपटने के लिए पहले से ‘रणनीतिक ढांचा’ तैयार करता है।इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप क्या है और यह क्यों जरूरी है?यह एक ऐसा विशेष रूप से तैयार किया गया हाईवे का हिस्सा होता है, जिसका उपयोग युद्ध या आपात स्थिति में भारतीय वायुसेना (IAF) के लड़ाकू विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ के लिए किया जा सकता है।सुरक्षा का दूसरा घेरा: यदि युद्ध के दौरान दुश्मन हमारे मुख्य एयरबेस को निशाना बनाता है, तो ये हाईवे रनवे वायुसेना के लिए ‘बैकअप’ का काम करते हैं।त्वरित कार्रवाई: सीमावर्ती इलाकों में इन स्ट्रिप्स के होने से सेना और रसद को बहुत कम समय में मोर्चे पर पहुँचाया जा सकता है।दोहरा उपयोग: सामान्य दिनों में यह हिस्सा आम जनता के लिए नेशनल हाईवे के तौर पर खुला रहता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे कुछ ही मिनटों में रनवे में बदला जा सकता है।पीएम मोदी के संबोधन की मुख्य बातें (Key Highlights)आत्मनिर्भर भारत: पीएम ने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स का निर्माण भारतीय कंपनियों द्वारा किया गया है, जो ‘आत्मनिर्भर रक्षा’ के संकल्प को दर्शाता है।सुरक्षा का प्रमाण: “देश को सिर्फ एक और लैंडिंग स्ट्रिप नहीं मिली है, बल्कि यह इस बात का सबूत है कि भारत अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए कितना गंभीर और तैयार है।”विकास और रक्षा का मेल: उन्होंने बताया कि कैसे इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास अब आर्थिक प्रगति के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को भी ध्यान में रखकर किया जा रहा है।भारतीय वायुसेना का ‘शक्ति प्रदर्शन’उद्घाटन के दौरान सुखोई-30 (Sukhoi-30) और जगुआर (Jaguar) जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों ने इस स्ट्रिप पर टच-एंड-गो अभ्यास किया। यह भारत के उन चुनिंदा हाईवे में शामिल हो गया है जहाँ वायुसेना अपने विमान उतारने में सक्षम है।
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