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PoK में प्रदर्शन की भनक लगते ही बौखलाया पाकिस्तान, पूरे इलाके में उतारी फौज

PoK में प्रदर्शन की भनक लगते ही बौखलाया पाकिस्तान, पूरे इलाके में उतारी फौज

पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से इस वक्त की बेहद तनावपूर्ण खबर सामने आ रही है, जिसने पाकिस्तानी हुकूमत और वहां के सैन्य आकाओं की रातों की नींद उड़ा दी है। पीओके में एक बार फिर जनता द्वारा बड़े पैमाने पर होने वाले विरोध प्रदर्शनों और मार्च की भनक लगते ही इस्लामाबाद पूरी तरह से बौखला गया है। कश्मीरी जनता की आवाज को बेरहमी से कुचलने के लिए पाकिस्तानी सरकार ने पूरे क्षेत्र को एक छावनी में तब्दील कर दिया है और वहां आपातकाल जैसे कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।

सड़कों पर उतरी भारी फौज, छावनी में बदला पूरा इलाका

स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जैसे ही स्थानीय एक्टिविस्ट्स और अवाम द्वारा सरकार विरोधी प्रदर्शनों की तैयारी की खबर लीक हुई, पाकिस्तानी सेना और अर्धसैनिक बलों की भारी टुकड़ियों को मुजफ्फराबाद, मीरपुर, और रावलाकोट जैसे प्रमुख शहरों में तैनात कर दिया गया है। संवेदनशील चौराहों और मुख्य मार्गों पर बख्तरबंद गाड़ियों के साथ पाकिस्तानी फौज मार्च कर रही है। चप्पे-चप्पे पर नाकेबंदी कर दी गई है ताकि आम नागरिकों को एकजुट होने और किसी भी तरह की रैली या मार्च निकालने से रोका जा सके। सेना की इस भारी मौजूदगी से पूरे पीओके में दहशत और भारी तनाव का माहौल बना हुआ है।

इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह ठप, बाहरी दुनिया से कटा संपर्क

पीओके की अवाम की आवाज दुनिया के सामने न आ सके और प्रदर्शनकारी आपस में संपर्क न साध पाएं, इसके लिए पाकिस्तानी प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवाओं को पूरी तरह से सस्पेंड कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक कर दिया गया है ताकि वहां चल रहे सैन्य दमन और मानवाधिकार उल्लंघनों की तस्वीरें या वीडियो बाहर न आ सकें। इंटरनेट ब्लैकआउट के कारण स्थानीय मीडिया और पत्रकारों के लिए भी जमीनी हकीकत की रिपोर्टिंग करना बेहद मुश्किल हो गया है, जिससे पीओके पूरी दुनिया से अलग-थलग पड़ गया है।

जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी पर लगा बैन

इस पूरे आंदोलन की अगुवाई कर रही 'जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) पर पाकिस्तानी सरकार ने तत्काल प्रभाव से कड़ा प्रतिबंध (बैन) लगा दिया है। इस संगठन के शीर्ष नेताओं को या तो नजरबंद कर दिया गया है या फिर उन्हें अज्ञात स्थानों पर हिरासत में ले लिया गया है। आपको बता दें कि यह एक्शन कमेटी लंबे समय से पीओके में आटे, बिजली की भारी किल्लत, आसमान छूती महंगाई और पाकिस्तानी सरकार के सौतेले व्यवहार के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन चला रही है। लेकिन इस बार उनके बड़े प्रदर्शन की योजना से डरी पाकिस्तानी हुकूमत ने संगठन को ही अवैध घोषित कर जनता के मौलिक अधिकारों पर पूरी तरह से ताला लगा दिया है।