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Sonbhadra Mine Accident : जिंदगी बचाने की जंग, सोनभद्र की खदान में फंसी 15 जिंदगियां, 2 चट्टानें बनीं सबसे बड़ी बाधा

News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र से एक बेहद चिंताजनक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में एक पत्थर की खदान धंसने से 15 मजदूर अंदर ही फंस गए हैं। इस घटना को हुए कई घंटे बीत चुके हैं और एनडीआरएफ (NDRF) समेत कई बचाव दल मौके पर हैं, लेकिन 15 जिंदगियों को बचाने के इस मिशन में दो विशाल चट्टानें सबसे बड़ी रुकावट बन गई हैं।रेस्क्यू में क्यों आ रही है इतनी बड़ी दिक्कत?दरअसल, खदान का जो मुहाना धंसा है, वहां दो बहुत बड़ी-बड़ी चट्टानें खिसक कर आ गई हैं, जिससे अंदर जाने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। ये चट्टानें इतनी विशाल और भारी हैं कि पोकलेन और जेसीबी जैसी बड़ी-बड़ी मशीनें भी इन्हें हिलाने में नाकाम साबित हो रही हैं।बचाव दल ने कई घंटों तक इन चट्टानों को हटाने की कोशिश की, लेकिन जब वे सफल नहीं हुए, तो अब एक नया और जोखिम भरा प्लान बनाया गया है।अब ‘ब्लास्टिंग’ ही है आखिरी उम्मीदमशीनों के फेल हो जाने के बाद अब प्रशासन ने इन चट्टानों को विस्फोट (ब्लास्टिंग) करके तोड़ने का फैसला किया है। इसके लिए विशेषज्ञों की एक टीम बुलाई गई है जो नियंत्रित विस्फोट के जरिए इन चट्टानों को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ेगी, ताकि मलबा हटाकर अंदर जाने का रास्ता बनाया जा सके।यह एक बहुत ही नाजुक ऑपरेशन है क्योंकि इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि विस्फोट से खदान के अंदर फंसे मजदूरों को कोई नुकसान न पहुंचे। जिले के डीएम और एसपी समेत तमाम बड़े अधिकारी मौके पर ही कैंप कर रहे हैं और हर पल की जानकारी ले रहे हैं।बाहर इंतजार कर रहे परिवारों का रो-रोकर बुरा हालखदान के बाहर का मंजर बेहद दर्दनाक है। अंदर फंसे मजदूरों के परिवार वाले बाहर टकटकी लगाए बैठे हैं। उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं और वे बस अपने प्रियजनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं। हर गुजरते पल के साथ उनकी धड़कनें तेज होती जा रही हैं।बचाव दल में पुलिस और पीएसी के जवान भी शामिल हैं, जो दिन-रात मलबा हटाने के काम में जुटे हुए हैं। फिलहाल, सबकी नजरें और उम्मीदें अब ब्लास्टिंग करने वाली विशेषज्ञ टीम पर टिकी हैं। हर कोई यही प्रार्थना कर रहा है कि जल्द से जल्द रास्ता साफ हो और सभी 15 मजदूर सुरक्षित बाहर निकल आएं।