
बांग्लादेश की चर्चित और निर्वासित लेखिका तस्लीमा नसरीन पूरे 18 साल बाद एक बार फिर कोलकाता की धरती पर कदम रखने जा रही हैं। आगामी 1 अगस्त 2026 को वे शहर के प्रतिष्ठित रवींद्र सदन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शिरकत करेंगी और मंच से अपनी कविताएं सुनाएंगी। ‘सेक्युलर मिशन’ और ‘फॉर वेस्ट बंगाल’ के आयोजकों ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि की है। साल 2007 में भारी विरोध प्रदर्शनों और कट्टरपंथियों के हंगामे के कारण तस्लीमा को अचानक कोलकाता छोड़ना पड़ा था, जिसके बाद से वे लगातार इस शहर में वापस लौटने की इच्छा जताती रही हैं।
फेसबुक पोस्ट से हुआ खुलासा, राजनीतिक गलियारों में हलचल
तस्लीमा नसरीन के कोलकाता आने की खबर खुद उनकी एक फेसबुक पोस्ट के जरिए सामने आई है। पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए राजनीतिक बदलावों के बाद, राज्य बीजेपी अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य लगातार तस्लीमा को वापस बंगाल लाने की मांग उठा रहे थे। अब जब उनकी वापसी तय हो चुकी है, तो राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में इसकी चर्चा तेज हो गई है। दिलचस्प बात यह है कि आयोजकों के मुताबिक, इस कार्यक्रम में राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री ने भी मौजूद रहने का वादा किया है।
21 नवंबर 2007 का वो खौफनाक मंजर, जब दहल उठा था कोलकाता
तस्लीमा नसरीन की वापसी की खबर के साथ ही साल 2007 का वह विवादित घटनाक्रम भी याद आ गया है। 21 नवंबर 2007 को कोलकाता में तस्लीमा के खिलाफ कट्टरपंथियों ने हिंसक विरोध प्रदर्शन किया था, जिससे पूरा शहर दहल उठा था। उस समय राज्य के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य थे और बिगड़ती कानून व्यवस्था को संभालने के लिए शहर में सुरक्षा बलों (सेना) को तैनात करना पड़ा था। इस घटना के बाद तस्लीमा को सुरक्षा कारणों से शहर छोड़ना पड़ा। हालांकि, ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री रहते हुए भी उन्होंने कई बार कोलकाता लौटने की इच्छा जताई, लेकिन तब स्थितियां अनुकूल नहीं हो पाई थीं।
रवींद्र सदन के मंच पर सुर और विचार बिखेरेंगी लेखिका
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1 अगस्त को रवींद्र सदन के ऐतिहासिक मंच पर तस्लीमा नसरीन न सिर्फ अपनी कविताएं पढ़ेंगी, बल्कि संगीत की धुनें भी बिखेरेंगी। आयोजकों ने बताया कि वे इस कार्यक्रम में अपने विचार और सालों का अनुभव भी साझा करेंगी। तस्लीमा के प्रशंसकों के लिए यह एक बेहद भावुक और बड़ा मौका होने वाला है, क्योंकि लेखिका ने खुद कई बार साक्षात्कारों में कोलकाता न लौट पाने का दर्द जाहिर किया था।
पूर्व IPS अधिकारी हुमायूं कबीर ने दी प्रतिक्रिया: 'विवादों से बचें'
तस्लीमा नसरीन की वापसी पर राज्य के पूर्व आईपीएस अधिकारी हुमायूं कबीर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "मैं एक लेखिका के तौर पर तस्लीमा जी का स्वागत करता हूं। मुझे उनका लेखन व्यक्तिगत रूप से काफी पसंद है और उनके आने से मुझे खुशी है। हालांकि, अतीत में कुछ लोगों को उनके विचारों से आपत्ति रही है, इसलिए मैं बस यही कहना चाहूंगा कि उन्हें मंच से कोई भी नई विवादित बात कहने से बचना चाहिए।" गौर करने वाली बात यह है कि जब वामपंथ के शासनकाल में तस्लीमा को कोलकाता छोड़ना पड़ा था, तब हुमायूं कबीर ही राज्य पुलिस में एक अहम अधिकारी के रूप में तैनात थे।
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