
उत्तर प्रदेश सरकार ने पश्चिमी यूपी के लोगों को विश्वस्तरीय यातायात और कनेक्टिविटी की एक बहुत बड़ी सौगात दी है। मुजफ्फरनगर से हरिद्वार तक के सफर को बेहद तेज, सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए राज्य सरकार ने रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR – डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने को अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस ऐतिहासिक फैसले से न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को एक नई रफ्तार मिलेगी, बल्कि यह कॉरिडोर आने वाले समय में क्षेत्र की आर्थिक तरक्की की नई 'जीवनरेखा' (Lifeline) साबित होगा।
दिल्ली-मेरठ मॉडल की तर्ज पर दौड़ेगी सेमी-हाईस्पीड रैपिड रेल
आपको बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में नई दिल्ली से गाजियाबाद होते हुए मेरठ के बीच पहले से ही देश की पहली रैपिड रेल (नमो भारत) का सफल संचालन किया जा रहा है। अब इसी बेहद आधुनिक और सफल मॉडल की तर्ज पर मुजफ्फरनगर से हरिद्वार के बीच भी सेमी-हाईस्पीड ट्रेनें दौड़ेंगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के बीच के सफर को पूरी तरह जाम-मुक्त और विश्वस्तरीय बनाना है, ताकि आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन को और अधिक सुलभ बनाया जा सके।
राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जताया आभार
इस बड़े और महत्वपूर्ण फैसले के आने के बाद, उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर एक विशेष शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पश्चिमी यूपी के करोड़ों निवासियों की तरफ से इस भव्य और महत्वाकांक्षी रैपिड रेल परियोजना की डीपीआर को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री का दिल से धन्यवाद किया और इसे क्षेत्र के इतिहास में मील का पत्थर बताया।
घंटों का सफर मिनटों में होगा तय: आम जनता, व्यापारियों और श्रद्धालुओं को मिलेंगे ये 3 बड़े फायदे
मुजफ्फरनगर-हरिद्वार रैपिड रेल कॉरिडोर के जमीन पर उतरने के बाद इस रूट पर यात्रा करने वाले लोगों को व्यापक स्तर पर फायदे मिलेंगे:
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1. तेज और सुरक्षित सफर: मुजफ्फरनगर, रुड़की और पवित्र नगरी हरिद्वार के बीच की दूरी बेहद सिमट जाएगी। जो सफर सड़क मार्ग से तय करने में अभी घंटों का समय लेता है, वह इस सेमी-हाईस्पीड रेल के जरिए मात्र कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाएगा। इससे समय और ईंधन दोनों की बड़ी बचत होगी।
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2. श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी राहत: हरिद्वार देश के सबसे बड़े और प्रमुख हिंदू तीर्थ स्थलों में से एक है, जहां सालभर करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान और दर्शन के लिए आते हैं। रैपिड रेल शुरू होने से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए यात्रा बेहद सुगम और सुहानी हो जाएगी।
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3. आर्थिक और औद्योगिक क्रांति: बेहतर और तेज कनेक्टिविटी मिलते ही यह पूरा इलाका व्यापार और उद्योगों के लिहाज से एक नया हब बन जाएगा। मुजफ्फरनगर के कपड़ा और गुड़ उद्योग तथा रुड़की के शैक्षणिक और तकनीकी हब को हरिद्वार के धार्मिक पर्यटन से सीधे जुड़ाव का लाभ मिलेगा। इससे व्यापार, उद्योग, उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी आएगी, जिसके परिणामस्वरूप स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार (Employment) के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।
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