
News India Live, Digital Desk : हालिया स्वास्थ्य सर्वेक्षणों (2026) के अनुसार, भारत की लगभग 70% से 80% शहरी आबादी विटामिन-D की कमी से जूझ रही है। हैरानी की बात यह है कि पर्याप्त धूप वाले देश में रहने के बावजूद, हमारी बदलती लाइफस्टाइल हमें अंदर से खोखला कर रही है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो यह हड्डियों की कमजोरी (Osteoporosis) और मानसिक तनाव का बड़ा कारण बन सकता है।1. कॉर्पोरेट जगत में विटामिन-D की कमी के 3 मुख्य कारणऑफिस कल्चर: सुबह 9 से शाम 6 बजे तक बंद कमरों में रहने के कारण शरीर का धूप से संपर्क शून्य हो जाता है।सनस्क्रीन का अधिक उपयोग: UV किरणों से बचने के चक्कर में सनस्क्रीन विटामिन-D के प्राकृतिक संश्लेषण (Synthesis) को रोक देती है।प्रदूषण: शहरों में बढ़ते स्मोग के कारण धूप की जरूरी किरणें त्वचा तक सही मात्रा में नहीं पहुँच पातीं।2. 5 जरूरी टेस्ट जो हर कामकाजी पेशेवर को कराने चाहिएअगर आप थकान, जोड़ों में दर्द या बार-बार बीमार पड़ने से परेशान हैं, तो ये टेस्ट आपकी रिपोर्ट कार्ड साफ़ कर सकते हैं:25-Hydroxy Vitamin D Test: यह विटामिन-D के स्तर को मापने का सबसे सटीक तरीका है। (30-100 ng/mL सामान्य स्तर माना जाता है)।Calcium Serum Test: विटामिन-D की कमी से शरीर कैल्शियम सोखना बंद कर देता है, जिससे हड्डियाँ कमजोर होती हैं।Parathyroid Hormone (PTH) Test: यदि विटामिन-D कम है, तो PTH का स्तर बढ़ जाता है, जो हड्डियों से कैल्शियम खींचने लगता है।Bone Mineral Density (BMD) Scan: यह चेक करने के लिए कि आपकी हड्डियों का घनत्व कितना कम हुआ है।Vitamin B12 Test: अक्सर विटामिन-D की कमी के साथ B12 की कमी भी देखी जाती है, जो नसों की कमजोरी का कारण बनती है।3. लक्षण जिन्हें आप नजरअंदाज कर रहे हैंलगातार थकान और कमजोरी महसूस होना।पीठ और हड्डियों में पुराना दर्द।घाव भरने में सामान्य से अधिक समय लगना।बालों का तेजी से झड़ना और डिप्रेशन के लक्षण।4. बचाव के उपाय: ऑफिस में रहते हुए क्या करें?15 मिनट की धूप: सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच कम से कम 15 मिनट धूप में बिताएं।डाइट में शामिल करें: फैटी फिश, अंडे की जर्दी, मशरूम और फोर्टिफाइड दूध का सेवन बढ़ाएं।सप्लीमेंट्स: डॉक्टर की सलाह पर विटामिन-D के साप्ताहिक कैप्सूल या पाउच लें। (बिना सलाह के हाई डोज न लें)।
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