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असम सरकार का बड़ा फैसला अब हर बच्चे को जाननी होगी अपने राज्य की कहानी, 6ठी से 8वीं तक नया नियम लागू

News India Live, Digital Desk : हम अक्सर देखते हैं कि आजकल के बच्चे दुनिया भर का ज्ञान रखते हैं यूरोप में क्या हो रहा है या अमेरिका का इतिहास क्या है, यह उन्हें पता होता है। लेकिन अगर उनसे पूछ लो कि “बेटा, तुम्हारे अपने राज्य के महान राजा कौन थे?” या “तुम्हारे राज्य की नदियां और पहाड़ कैसे हैं?”, तो कई बार उनके पास जवाब नहीं होता। इसी कमी को दूर करने के लिए असम सरकार ने एक दिल खुश करने वाला और बेहद जरूरी फैसला लिया है।क्लास 6 से 8 के लिए बड़ा बदलावअसम सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों के लिए एक नया नियम बनाया है। अब कक्षा 6, 7 और 8 में पढ़ने वाले बच्चों के लिए असम का इतिहास (History) और भूगोल (Geography) पढ़ना अनिवार्य (Compulsory) कर दिया गया है। यानी अब यह “ऑप्शनल” नहीं होगा, बल्कि हर बच्चे को इसे पढ़ना और समझना ही होगा।सरकार ने यह कदम क्यों उठाया?असम के मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग का मानना है कि शिक्षा का मतलब सिर्फ़ रट्टा लगाना या पास होना नहीं है। शिक्षा वो है जो इंसान को उसकी ज़मीन से जोड़े। सरकार चाहती है कि जब बच्चा स्कूल से निकले, तो उसे पता होना चाहिए कि असम की संस्कृति कितनी महान है, यहां का भूगोल कैसा है और हमारे पूर्वजों का संघर्ष क्या रहा है।क्या फायदे होंगे इससे?अपनी पहचान पर गर्व: जब बच्चे लचित बोरफुकन जैसे वीरों या असम की भौगोलिक स्थिति के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे, तो उनके मन में अपने राज्य के लिए सम्मान बढ़ेगा।मजबूत नींव: दुनिया को जानने से पहले अपने घर को जानना जरूरी है। यह फैसला बच्चों की बुनियाद मजबूत करेगा।रोचक पढ़ाई: स्थानीय कहानियों और आसपास की चीजों को पढ़ना बच्चों को भी विदेशी इतिहास रटने से ज्यादा मजेदार लगेगा।अभिभावकों के लिए संदेशअगर आप असम में रहते हैं और आपका बच्चा 6ठी से 8वीं क्लास के बीच है, तो तैयार हो जाइए। यह बदलाव बच्चों पर कोई बोझ नहीं, बल्कि उन्हें ‘जिम्मेदार और जानकार’ बनाने की एक कोशिश है। यह कदम बताता है कि विकास के लिए मॉडर्न होना जरूरी है, लेकिन अपनी जड़ों को भूलना नहीं चाहिए।तो, स्वागत कीजिये इस नई पहल का, जहाँ बच्चे अब किताबों में ‘अपना असम’ ढूंढेंगे और समझेंगे।