News India Live, Digital Desk: आखिरकार, वो दिन आ ही गया जब दुनिया ने राहत की साँस ली है. गाजा पट्टी में लंबे समय से चली आ रही हिंसा और तनाव के बीच, इजरायल और हमास के बीच एक ‘ऐतिहासिक’ शांति समझौता हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इस बात का ऐलान किया है, जिसे उन्होंने अपनी ‘शांति योजना’ का पहला चरण बताया है. ये समझौता सिर्फ कागज पर दस्तखत नहीं, बल्कि हजारों जिंदगियों के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आया है.
क्या है इस समझौते में खास?
यह डील सिर्फ युद्धविराम से कहीं बढ़कर है. इसमें कई अहम बातें शामिल हैं जो क्षेत्र में स्थिरता ला सकती हैं:
यह समझौता मिस्र के शर्म अल-शेख में हुई लंबी और कठिन बातचीत के बाद हुआ, जिसमें मिस्र, कतर और तुर्किए के साथ अमेरिका ने मध्यस्थता की. इस खबर ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है:
करीब दो साल की तबाही झेलने के बाद, गाजा के लोग एक बार फिर उम्मीद से भर गए हैं. सड़कों पर खुशी का माहौल है. लोग झंडे लहरा रहे हैं, आतिशबाजी कर रहे हैं और राहत की साँस ले रहे हैं. गाजा शहर और खान यूनिस में जीत के नारे गूँज रहे हैं. अल-मवासी में लोग “अल्लाहु अकबर” के नारे लगा रहे हैं और जश्न मना रहे हैं. यह समझौता सिर्फ एक कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि गाजा के लोगों के लिए शांति की पहली धड़कन जैसा महसूस हो रहा है.
उत्तरी गाजा के लिए चेतावनी
हालांकि, इजरायली सेना ने उत्तरी गाजा में फिलिस्तीनियों को चेतावनी दी है कि वे अभी भी उस इलाके में वापस न लौटें. इसे “खतरनाक युद्ध क्षेत्र” बताया गया है, और इजरायली सेना अभी भी गाजा शहर को घेरे हुए है.
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