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दिल्ली एसिड अटैक की कहानी में दहला देने वाला मोड़! पीड़िता नहीं, पिता ही निकला साज़िश का मास्टरमाइंड

नई दिल्ली:दिल्ली में एक डीयू की छात्रा पर हुए एसिड अटैक की जिस ख़बर ने लोगों के दिलों में गुस्सा और सहानुभूति भर दी थी,वह बदले की आग में रची गई एक गहरी और घिनौनी साज़िश निकली। इस कहानी में एक ऐसा चौंकाने वाला खुलासा हुआ है,जिसने सबके होश उड़ा दिए हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक,छात्रा पर कोई एसिड अटैक हुआ ही नहीं था,बल्कि उसने अपने ही पिता के कहने पर यह पूरा नाटक रचा था।इस साज़िश का मास्टरमाइंड कोई और नहीं,बल्कि लड़की का अपना पिता अकील ख़ान है,जिसे पुलिस ने सोमवार को गिरफ़्तार कर लिया है।बाथरूम क्लीनर से रचा गया पूरा ड्रामापुलिस की पूछताछ में जो सच्चाई सामने आई है,वह किसी क्राइम थ्रिलर फ़िल्म की स्क्रिप्ट से कम नहीं है। पिता ने यह कबूल कर लिया है कि उसकी बेटी ने ख़ुद ही अपने हाथों पर टॉयलेट क्लीनर डाला था,ताकि यह लगे कि उस पर किसी ने तेज़ाब फेंका है।आपको याद दिला दें कि छात्रा ने शुरुआत में तीन लोगों – जितेंद्र,ईशान और अरमान – पर दिल्ली के लक्ष्मीबाई कॉलेज के पास हमला करने का आरोप लगाया था। लेकिन यह पूरी कहानी जड़ से ही झूठी निकली।क्यों रची गई यह घिनौनी साज़िश?अब सवाल उठता है कि आख़िर एक बाप अपनी ही बेटी को मोहरा बनाकर इतनी बड़ी साज़िश क्यों रचेगा?इसकी वजह और भी ज़्यादा शर्मनाक है।दरअसल,जिस जितेंद्र नाम के शख़्स पर लड़की ने एसिड फेंकने का आरोप लगाया था,उसकी पत्नी ने तीन दिन पहले ही लड़की के पिता अकील ख़ान के ख़िलाफ़ रेप और यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराई थी।पीड़ित महिला ने अपनी शिकायत में बताया था कि वह2021से2024के बीच अकील ख़ान की मोज़े बनाने की फ़ैक्ट्री में काम करती थी। इसी दौरान अकील ने उसके साथ ज़बरदस्ती की और उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल भी करता रहा।जब जितेंद्र की पत्नी ने हिम्मत करके पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी,तो इसी केस से बचने और बदला लेने के लिए अकील ख़ान ने जितेंद्र को ही एक झूठे केस में फँसाने की ठानी और अपनी बेटी के साथ मिलकर यह एसिड अटैक का नाटक रच डाला।कैसे खुला इस झूठ का पर्दाफ़ाश?पुलिस ने जब इस मामले की गहराई से जाँच शुरू की,तो एक-एक करके सारे झूठ से पर्दा उठता चला गया:जितेंद्र की लोकेशन:पुलिस की तकनीकी जाँच में साफ़ हो गया कि हमले के वक़्त जितेंद्र वहाँ था ही नहीं,बल्कि वह करोल बाग में एक घर में काम कर रहा था।कोईCCTVसबूत नहीं:जिस जगह हमले की बात कही गई,वहाँ और आस-पास के रास्तों केCCTVफुटेज खंगालने पर भी पुलिस को कोई संदिग्ध शख़्स नहीं मिला।बाकी दो आरोपियों का सच:जब पुलिस ने ईशान और अरमान का पता लगाया,तो मालूम हुआ कि वे दोनों सगे भाई हैं और छात्रा के दूर के रिश्तेदार हैं। उनका छात्रा के परिवार से ज़मीन का विवाद चल रहा है,लेकिन जितेंद्र से उनका कोई लेना-देना नहीं था।इस पूरे मामले ने यह दिखाया है कि कैसे एक शख़्स ने अपने गुनाहों पर पर्दा डालने के लिए न सिर्फ़ कानून को धोखा देने की कोशिश की,बल्कि अपनी ही बेटी को एक ऐसे घिनौने खेल में इस्तेमाल कर लिया।