
सोचिए,आप अपनी मेहनत की कमाई निकालने बैंक जाएं,और बैंक वाला कहे, “सॉरी सर,आप सिर्फ10हजार रुपये ही निकाल सकते हैं,बाकी पैसा फ्रीज हो गया है!” आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी,है न?हिमाचल प्रदेश के सोलन में स्थित’दि कंडाघाट अर्बन कोऑपरेटिव बैंक’के ग्राहकों के लिए यह कोई डरावना सपना नहीं,बल्कि एक कड़वी हकीकत बन गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)ने इस बैंक पर सख्त पाबंदियां लगा दी हैं,जिससे हजारों खाताधारकों की जिंदगी भर की कमाई फंस गई है।RBIने क्यों लगाया यह‘ताला’?RBIयह कठोर कदम तब उठाता है जब उसे लगता है कि बैंक की वित्तीय हालत ठीक नहीं है,वहां पैसों का कुछ गोलमाल हो रहा है,या फिर बैंक के डूबने का खतरा है। यह कदम बैंक को पूरी तरह से डूबने से बचाने और जमाकर्ताओं (depositors)के बाकी पैसे को सुरक्षित रखने के लिए उठाया जाता है।ग्राहकों पर क्या होगा इसका असर?इन पाबंदियों का सीधा और सबसे बड़ा असर आम ग्राहकों पर पड़ा है:सिर्फ₹10,000की निकासी:इन पाबंदियों के तहत,बैंक का कोई भी खाताधारक – चाहे उसके खाते में लाखों रुपये क्यों न हों – फिलहालसिर्फ₹10,000ही निकाल सकता है।कोई नया लोन नहीं,कोई नया निवेश नहीं:बैंक अबRBIकी इजाजत के बिना कोई भी नया लोन जारी नहीं कर पाएगा,और न ही कोई नया निवेश कर पाएगा।साफ शब्दों में कहें तो,बैंक का लगभग सारा कामकाज अगले आदेश तक रोक दिया गया है।तो क्या आपका पैसा डूब गया? (यह जानना सबसे जरूरी है)ऐसी खबर सुनते ही हर किसी के मन में यही सबसे बड़ा डर होता है कि क्या मेरी मेहनत की कमाई अब डूब जाएगी?तो घबराइए मत।RBIके नियमों के अनुसार,हर बैंक में हर ग्राहक की5लाख रुपये तक की जमा राशि पूरी तरह से सुरक्षित (insured)होती है। इसका मतलब है कि अगर बैंक कल को डूब भी जाता है,तो भी आपको’डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन’ (DICGC)की तरफ से5लाख रुपये तक की रकम वापस मिल जाएगी।फिलहाल,बैंकRBIकी कड़ी निगरानी में रहेगा और आगे क्या होगा,इसका फैसला बैंक की स्थिति की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा। लेकिन यह घटना एक बार फिर हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि अपना पैसा रखने के लिए बैंक चुनते समय हमें कितनी सावधानी बरतनी चाहिए।
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