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इंटरनेट से भी बड़ी चीज: डोनाल्ड ट्रंप ने किया बड़ा ऐलान

दुनियाभर में तकनीक की दुनिया को पूरी तरह से बदलने वाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा फैसला सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के तमाम बड़े टेक दिग्गजों की मौजूदगी में एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का नाम आधिकारिक तौर पर बदलकर 'सुपर इंटेलिजेंस' (Super Intelligence) कर दिया है। ट्रंप ने इस नई तकनीक को इंटरनेट से भी कहीं ज्यादा बड़ी और क्रांतिकारी क्रांति करार दिया है। अमेरिकी प्रशासन द्वारा उठाए गए इस कदम के बाद से वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक, तकनीकी और व्यावसायिक गलियारों में भारी चर्चा छिड़ गई है और हर कोई इसके दूरगामी प्रभावों का आकलन करने में जुट गया है।

टेक दिग्गजों की मौजूदगी में हुआ बड़ा ऐलान और 'सुपर इंटेलिजेंस' नाम के पीछे की असल वजह

व्हाइट हाउस में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों के प्रमुखों के साथ मिलकर इस नए नाम पर मुहर लगाई। इस महत्वपूर्ण बैठक में गूगल के सुंदर पिचाई, मेटा के मार्क जुकरबर्ग, ओपनएआई के प्रतिनिधि, एनविया के जेनसेन ह्वांग और टेस्ला तथा एक्सएआई के प्रमुख एलन मस्क सहित कई बड़े तकनीकी चेहरे शामिल हुए। इस दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने तर्क दिया कि 'आर्टिफिशियल' शब्द का इस्तेमाल करने से इस अद्भुत तकनीक की असल क्षमताएं नकली या बनावटी प्रतीत होती हैं, जबकि यह तकनीक किसी भी फर्जी या बनावटी दायरे से कोसों दूर बेहद वास्तविक और चमत्कारिक रूप से कार्य कर रही है। इसी तथ्यात्मक सुधार को ध्यान में रखते हुए अब सरकारी दस्तावेजों, कूटनीतिक बैठकों और आधिकारिक संवादों में 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' की जगह केवल 'सुपर इंटेलिजेंस' शब्द का ही प्रयोग किया जाएगा।

इंटरनेट से भी बड़ी तकनीक और नैतिकता के साथ सुरक्षा के चार कड़े स्तर

इस ऐतिहासिक अवसर पर बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ शब्दों में कहा कि यह तकनीकी विकास मानव इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी क्रांति है, जो कि इंटरनेट के विस्तार से भी कई गुना बड़ी और ताकतवर साबित होने वाली है। टेक कंपनियों और सरकार के बीच बनी इस नई सहमति के तहत एक मजबूत और सुरक्षात्मक समझौता भी सामने आया है। इसके अंतर्गत आधुनिक प्रणालियों के विकास और उनके प्रभावों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए चार स्तरीय सुरक्षा चक्र और ऑडिट का खाका तैयार किया गया है। बैठक में शामिल उद्योग जगत के दिग्गजों ने भी इस बात पर जोर दिया कि आने वाले समय में यह बदलाव केवल तकनीक तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पूरी मानव सभ्यता के जीवन स्तर, चिकित्सा व्यवस्था और वैश्विक आर्थिकी को एक बिल्कुल नए और समृद्ध दौर में लेकर जाएगा।