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News India Live, Digital Desk: दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी ऐपल (Apple) अपनी परफेक्शन और प्रीमियम क्वालिटी के लिए जानी जाती है, लेकिन हर बड़ी सफलता के पीछे एक बड़ी नाकामी भी छिपी होती है। ऐपल के सीईओ टिम कुक ने कंपनी के इतिहास की उस एक ‘सबसे बड़ी गलती’ को सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर लिया है, जिसने 14 साल पहले कंपनी की साख पर सवाल खड़े कर दिए थे। यह गलती कोई और नहीं, बल्कि साल 2012 में गूगल मैप्स को टक्कर देने के लिए लॉन्च किया गया ‘ऐपल मैप्स’ (Apple Maps) था।”एक झटके में बिखर गया था भरोसा”टिम कुक ने एक हालिया इंटरव्यू में पुरानी यादों को ताजा करते हुए बताया कि ऐपल मैप्स का लॉन्च कंपनी के लिए एक बड़ा सबक था। जब इसे पहली बार iOS 6 के साथ पेश किया गया, तो इसमें दिशाओं की भारी गलतियां थीं—रास्ते गलत थे, शहरों के नाम गायब थे और कई जगहों पर तो पुल और सड़कें पानी में डूबी दिखाई दे रही थीं। टिम कुक ने माना कि यह ऐपल के उन मानकों पर खरा नहीं उतरा था, जिसके लिए स्टीव जॉब्स ने कंपनी की नींव रखी थी।स्कॉट फॉरेस्टल की विदाई और कुक की माफीउस दौर को याद करते हुए टिम कुक ने बताया कि यह उनके करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण समय था। ऐपल मैप्स की विफलता इतनी बड़ी थी कि टिम कुक को सार्वजनिक रूप से ग्राहकों से माफी मांगनी पड़ी थी। इतना ही नहीं, उन्होंने यूजर्स को सुझाव दिया था कि जब तक ऐपल मैप्स ठीक नहीं हो जाता, वे गूगल मैप्स या अन्य प्रतिस्पर्धी ऐप्स का इस्तेमाल करें। इस विवाद के चलते ऐपल के तत्कालीन सॉफ्टवेयर हेड स्कॉट फॉरेस्टल को कंपनी छोड़नी पड़ी थी, क्योंकि उन्होंने माफीनामे पर साइन करने से मना कर दिया था।विफलता से मिली सफलता की सीखहालांकि, टिम कुक ने यह भी कहा कि उस असफलता ने ऐपल को और मजबूत बनाया। कंपनी ने हार मानने के बजाय ऐपल मैप्स पर अरबों डॉलर निवेश किए और उसे ग्राउंड-अप से दोबारा बनाया। आज, 14 साल बाद, ऐपल मैप्स कई देशों में गूगल मैप्स को कड़ी टक्कर दे रहा है और इसमें प्राइवेसी व 3D व्यू जैसे बेहतरीन फीचर्स शामिल हैं। टिम कुक का यह बयान उन उद्यमियों के लिए बड़ी सीख है जो असफलता से डरते हैं “गलती मानना और उसे सुधारना ही असली प्रगति है।”
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