
देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों ने कर्नाटक में एक बड़े राष्ट्रविरोधी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। गिरफ्तार किए गए स्थानीय युवक सीधे तौर पर सीमा पार बैठे पाकिस्तानी आतंकवादियों के संपर्क में थे और राज्य में किसी बड़ी और खतरनाक साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे। सुरक्षा बलों की मुस्तैदी और समय पर की गई छापेमारी के कारण इन संदिग्धों को दबोच लिया गया है, जिसके बाद से जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी से हुआ बड़ा पर्दाफाश खुफिया इनपुट के आधार पर की गई इस अचानक कार्रवाई ने देश के खिलाफ रची जा रही एक बेहद संवेदनशील साजिश को नाकाम कर दिया है। गिरफ्तार किए गए युवकों की गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियां पिछले काफी समय से नजर रख रही थीं। जैसे ही उनके डिजिटल फुटप्रिंट्स और बातचीत के तार सीधे तौर पर पाकिस्तान में बैठे आतंकी आकाओं से जुड़े होने के पुख्ता सबूत मिले, तुरंत एक्शन लेते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया गया। शुरुआती पूछताछ में जो बातें सामने आई हैं, उसने सुरक्षा अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तानी आकाओं से जुड़े थे तार जांच में यह बात साफ हुई है कि ये युवक सामान्य रूप से दिखने वाले सोशल मीडिया ऐप्स और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए सीमा पार बैठे देश के दुश्मनों से निर्देश ले रहे थे। पाकिस्तानी हैंडलर इन स्थानीय युवकों का ब्रेनवॉश कर उन्हें कट्टरपंथ की राह पर धकेल रहे थे और देश के भीतर ही अशांति फैलाने का काम सौंप रहे थे। संदिग्धों के पास से बरामद किए गए मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की गहनता से फॉरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनके निशाने पर कौन-कौन से संवेदनशील ठिकाने थे।
कर्नाटक में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर इस बड़े खुलासे के बाद पूरे कर्नाटक और उसके सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां इस बात की भी तफ्तीश कर रही हैं कि क्या इन युवकों को स्थानीय स्तर पर किसी और संगठन या व्यक्ति से आर्थिक या रणनीतिक मदद मिल रही थी। इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश के युवाओं को गुमराह करने के लिए सीमा पार से लगातार डिजिटल साजिशें रची जा रही हैं, जिन्हें नाकाम करने के लिए भारतीय खुफिया तंत्र चौबीसों घंटे पूरी तरह मुस्तैद है।
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