
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला से इस वक्त की बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आ रही है। वेनेजुएला में आए दो लगातार और बेहद शक्तिशाली भूकंपों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इन भीषण झटकों के कारण राजधानी काराकास समेत कई प्रमुख शहरों में भारी तबाही मची है। शुरुआती ग्राउंड रिपोर्टों के मुताबिक, सैकड़ों बहुमंजिला इमारतें जमींदोज हो चुकी हैं और मलबे के नीचे दबे होने के कारण हजारों लोगों के मारे जाने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने देश में हाई अलर्ट और इमरजेंसी लागू कर दी है।
बैक-टू-बैक झटकों से ताश के पत्तों की तरह ढहीं इमारतें
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहला झटका इतना तेज था कि लोग संभल पाते, उससे पहले ही दूसरे विनाशकारी झटके ने सब कुछ तबाह कर दिया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता बेहद खतरनाक मापी गई है। भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर कम गहराई पर होने के कारण सतह पर इसका असर बेहद खौफनाक रहा। रिहायशी इलाकों में गगनचुंबी इमारतें, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और रिहायशी मकान देखते ही देखते मलबे के ढेर में तब्दील हो गए। सड़कों पर दरारें पड़ गई हैं और पुल धराशायी हो चुके हैं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप है।
मलबे में तब्दील हुए शहर, अपनों को ढूंढ रहे लोग
भूकंप के तुरंत बाद प्रभावित इलाकों में चीख-पुकार मच गई। संचार व्यवस्था (नेटवर्क) और बिजली ग्रिड पूरी तरह ठप होने के कारण देश का एक बड़ा हिस्सा ब्लैकआउट का सामना कर रहा है। लोग अपनों की तलाश में बदहवास होकर मलबे को हाथों से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। स्थानीय अस्पतालों में घायल लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है, जिससे वहां की चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी देखी जा रही है।
युद्ध स्तर पर बचाव कार्य जारी, दुनिया से मांगी मदद
वेनेजुएला सरकार ने आपदा प्रबंधन टीमों, सेना और स्थानीय सुरक्षा बलों को तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन में झोंक दिया है। मलबे के नीचे दबी जिंदगियों को बचाने के लिए क्रेन और खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है। हालांकि, बार-बार आ रहे ऑफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के हल्के झटके) के कारण बचाव कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। देश के राष्ट्रपति ने इस राष्ट्रीय आपदा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत मानवीय सहायता और रेस्क्यू एक्सपर्ट्स भेजने की भावुक अपील की है।
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