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छोटी दिवाली आज है या कल? जानें नरक चतुर्दशी का सही मुहूर्त और क्यों जलाते हैं यम का दीया

Narak Chaturdashi 2025 date and time : दिवाली की जगमगाहट से ठीक एक दिन पहले,जब हर घर रोशनी में नहाने को तैयार होता है,तब मनाई जाती है’छोटी दिवाली’। इसे नरक चतुर्दशी और रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन सिर्फ़ सजावट का नहीं,बल्कि शरीर और मन की शुद्धि का भी है। इस साल यह त्योहार और भी ख़ास है,क्योंकि इस पर पूरे दिनसर्वार्थ सिद्धि योगबन रहा है—एक ऐसा शुभ योग,जिसमें शुरू किया गया हर काम सफ़ल होता है।लेकिन त्योहार मनाएँ कब?आज या कल?पंचांग के अनुसार,चतुर्दशी तिथि यानी चौदसआज (19अक्टूबर) दोपहर1:51बजेसे शुरू हो जाएगी औरकल (20अक्टूबर) दोपहर3:44बजेतक रहेगी।अब कन्फ़्यूज़न यह है कि इसे मनाएँ कब?यम का दीया जलाना:चूँकि यम का दीया शाम को प्रदोष काल में जलाया जाता है,और यह समय आज (19अक्टूबर) को ही मिलेगा,इसलिए यम की पूजा और दीया जलाने के लिए आज का दिन उत्तम है।अभ्यंग स्नान:वहीं,इस दिन का सबसे महत्वपूर्णritual ‘अभ्यंग स्नान’ (उबटन लगाकर स्नान) हमेशा सुबह सूर्योदय से पहले किया जाता है,और इसका शुभ मुहूर्तकल यानी20अक्टूबर की सुबहहै।इसलिए,यम की पूजा आज होगी और रूप निखारने वाला स्नान कल।रूप निखारने का शुभ मुहूर्त (अभ्यंग स्नान)नरक चतुर्दशी पर उबटन लगाकर स्नान करने की परंपरा है,जिसे’रूप चौदस’का नाम मिला है। माना जाता है कि इससे न सिर्फ़ सुंदरता बढ़ती है,बल्कि स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है।सही दिन और समय:यह स्नान20अक्टूबर,सोमवारको सुबह5:13बजे से6:25बजेके बीच करना सबसे शुभ रहेगा।क्यों कहते हैं इसे’नरक’चतुर्दशी?यह नाम सुनने में भले ही थोड़ा अजीब लगे,पर इसके पीछे एक बड़ी कहानी है। पौराणिक कथाओं के अनुसार,इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर नाम के एक दुष्ट राक्षस का वध किया था और उसकी क़ैद से16,000महिलाओं को आज़ाद कराया था। उसी जीत के जश्न में इस दिन को नरक चतुर्दशी कहा गया।इस दिन का क्या है महत्व?यम का दीया:इस दिन शाम को घर के बाहर,दक्षिण दिशा की ओर सरसों के तेल का एक चौमुखी दीया जलाया जाता है। इसे’यम का दीया’कहते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से परिवार पर से अकाल मृत्यु का ख़तरा टल जाता है।14दीयों का विधान:इस दिन घर में कुल14दीये जलाने की परंपरा है,जिसमें एक यम का होता है और बाक़ी13घी के,जो घर में सुख-समृद्धि लाते हैं।श्री कृष्ण की पूजा:इस दिन भगवान कृष्ण की पूजा करने से जीवन के सारे कष्ट दूर होते हैं और घर में शांति आती है।