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ट्रंप प्रशासन में बड़ी दरार! JD Vance को डर- पेंटागन छिपा रहा है ईरान युद्ध की असली सच्चाई, आधे से ज्यादा मिसाइलें खर्च

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच ट्रंप प्रशासन के भीतर से एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। ‘द अटलांटिक’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस को गंभीर आशंका है कि पेंटागन राष्ट्रपति ट्रंप को युद्ध की असली और सटीक जानकारी नहीं दे रहा। वेंस ने बंद कमरों में हुई बैठकों में मिसाइल भंडार और लंबे खिंचते युद्ध को लेकर कई अहम सवाल उठाए हैं।आधे से ज्यादा मिसाइलें खर्च— ताइवान और यूरोप की सुरक्षा पर मंडराया खतराजेडी वेंस की सबसे बड़ी चिंता अमेरिका के तेजी से घटते हथियार भंडार को लेकर है। आंतरिक अनुमानों से संकेत मिलता है कि अमेरिका अपनी महत्वपूर्ण मिसाइल प्रणालियों और इंटरसेप्टर्स का आधे से ज्यादा हिस्सा इस युद्ध में झोंक चुका है। यह कमी ताइवान, दक्षिण कोरिया और यूरोप जैसे क्षेत्रों में किसी नए संभावित संघर्ष की स्थिति में अमेरिका की जवाबी क्षमता को बुरी तरह कमजोर कर सकती है।पेंटागन के दावे और वेंस की आशंका के बीच बड़ा फर्करक्षा सचिव पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ्स के चेयरमैन डैन केन बार-बार दावा कर रहे हैं कि अमेरिकी हथियार भंडार मजबूत है और ईरान को भारी नुकसान हुआ है। राष्ट्रपति ट्रंप भी पेंटागन के इस आशावादी रुख का समर्थन करते हुए अमेरिकी सैन्य क्षमता को असीमित बता चुके हैं। लेकिन रिपोर्ट बताती है कि ये सार्वजनिक बयान उन आंतरिक खुफिया आकलनों को पूरी तरह नहीं दर्शाते जो वेंस जैसे अधिकारियों को बेचैन कर रहे हैं।हफ्तों की बमबारी के बाद भी ईरान की सैन्य ताकत बरकरारसबसे चिंताजनक बात यह है कि हफ्तों की भीषण लड़ाई के बावजूद खुफिया रिपोर्टें बता रही हैं कि ईरान की सैन्य शक्ति काफी हद तक सुरक्षित है। ईरान ने अपनी मिसाइल लॉन्चिंग क्षमता और बुनियादी ढांचे को काफी हद तक बहाल कर लिया है। इसके अलावा ईरान की नौसेना अभी भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बड़ा खतरा बनी हुई है जो वैश्विक शिपिंग के लिए सबसे अहम जलमार्ग है।ट्रंप टीम में अंदरूनी तनाव— वेंस और हेगसेथ आमने-सामनेयह युद्ध अब ट्रंप प्रशासन के भीतर भी राजनीतिक दरार पैदा कर रहा है। वेंस शुरू से लंबे विदेशी संघर्षों के प्रति संशय में रहे हैं और अब अपने भविष्य के राजनीतिक दांव-पेच संतुलित कर रहे हैं। वहीं हेगसेथ ट्रंप के साथ मजबूती से खड़े हैं और युद्ध पर आक्रामक रुख बनाए हुए हैं। शुरुआती अनुमानों के विपरीत यह संघर्ष अब एक लंबे और अनिश्चित गतिरोध में तब्दील होता जा रहा है जिससे वैश्विक व्यापार और सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।