
नई दिल्ली। निवेश की दुनिया में चार्ली मुंगेर का नाम उसी तरह लिया जाता है जैसे रणनीति की दुनिया में चाणक्य का। वॉरेन बफेट के सबसे करीबी सहयोगी और बर्कशायर हैथवे की अभूतपूर्व सफलता के असली वास्तुकार मुंगेर ने खुद बफेट की सोच को पूरी तरह बदल दिया था। 28 नवंबर 2023 को 99 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कहने वाले मुंगेर के निवेश सिद्धांत आज भी करोड़ों निवेशकों के लिए बाइबिल की तरह हैं।1. समझ में न आए तो हाथ मत लगाओ— लालच से बचेंमुंगेर का सबसे पहला और सबसे अहम सिद्धांत था कि आप केवल उन्हीं व्यवसायों में पैसा लगाएं जिन्हें आप अच्छी तरह समझते हैं। चाहे पूरी दुनिया किसी शेयर के पीछे पागल हो, अगर उसका बिजनेस मॉडल आपको समझ नहीं आता तो उससे दूर रहें। मुंगेर निवेश को तीन श्रेणियों में बांटते थे— हां, ना और बहुत कठिन। वह हमेशा ‘बहुत कठिन’ वाली चीजें तुरंत छोड़ देते थे।2. उल्टा सोचो— गलतियां पहचानो, सफलता खुद आएगीमुंगेर समस्याओं को सुलझाने के लिए उल्टा सोचने पर जोर देते थे। उनकी सलाह थी कि यह मत सोचो कि अमीर कैसे बनूंगा, बल्कि यह सोचो कि कौन सी गलतियां मुझे गरीब बना सकती हैं। जो व्यक्ति अपनी गलतियों को पहचानकर उन्हें दूर कर लेता है, सफलता उसके पास खुद चलकर आती है।3. इंतजार ही असली निवेश है— कंपाउंडिंग का जादूमुंगेर के अनुसार निवेश का असली पैसा शेयर खरीदने या बेचने में नहीं बल्कि धैर्य के साथ इंतजार करने में है। बाजार की रोजाना की उथल-पुथल पर प्रतिक्रिया देना सबसे बड़ी गलती है। एक बेहतरीन कंपनी चुन लेने के बाद उसे वर्षों तक अपने पास रखें क्योंकि कंपाउंडिंग का जादू तभी काम करता है जब आप समय देते हैं।4. सस्ती नहीं, शानदार कंपनी खरीदो— यही बदली बफेट की किस्मतयही वह सलाह थी जिसने बर्कशायर हैथवे की तकदीर बदल दी। मुंगेर ने बफेट को सस्ती कंपनियां खरीदने की आदत छुड़वाई और कहा कि एक साधारण कंपनी को शानदार कीमत पर खरीदने से कहीं बेहतर है कि एक शानदार कंपनी को उचित कीमत पर खरीदा जाए। मुंगेर ऐसी कंपनियों को प्राथमिकता देते थे जिनके पास ब्रांड वैल्यू या पेटेंट जैसा अभेद्य किला यानी Moat हो।5. सिर्फ अर्थशास्त्र नहीं— मनोविज्ञान और इतिहास भी पढ़ोमुंगेर ने निवेश को केवल नंबरों का खेल नहीं माना। वह मनोविज्ञान, इतिहास, भौतिकी और गणित को मिलाकर निवेश के फैसले लेते थे। उनका कहना था कि जिसके पास केवल एक हथौड़ा होता है, उसे हर समस्या कील की तरह दिखती है। इसलिए अपने ज्ञान का दायरा जितना बढ़ाओगे, बाजार को उतना ही बेहतर समझ पाओगे।
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