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ताइवान के पास ‘जासूसी विमान’ देख भड़का चीन, समुद्र में बढ़ा भारी सैन्य तनाव

ताइवान के पास 'जासूसी विमान' देख भड़का चीन, समुद्र में बढ़ा भारी सैन्य तनाव

पूर्वी एशिया के समंदर में भू-राजनीतिक पारा अचानक अपने चरम पर पहुंच गया है। ताइवान के बेहद नजदीक जापानी लड़ाकू और जासूसी विमानों की अचानक हुई एंट्री ने इस पूरे इलाके में भारी खलबली मचा दी है। ताइवान के संवेदनशील हवाई क्षेत्र और समुद्री सीमा के करीब जापान के इस आधुनिक 'जासूसी विमान' (Spy Plane) को देखकर ड्रैगन यानी चीन बुरी तरह तिलमिला उठा है। चीन ने इस कदम को अपनी संप्रभुता के लिए एक सीधी चुनौती माना है, जिसके बाद दक्षिण चीन सागर और ताइवान जलडमरूमध्य (Taiwan Strait) में दोनों महाशक्तियों के बीच एक नया और खतरनाक सैन्य खेल शुरू हो गया है।

जापानी विमानों की उड़ान से क्यों उड़े चीन के होश

अंतरराष्ट्रीय रक्षा विश्लेषकों से मिली जानकारी के अनुसार, जापान के इन विमानों ने ताइवान के पास उस समय उड़ान भरी जब चीनी नौसेना और वायुसेना इस क्षेत्र में अपनी नियमित ताकत का प्रदर्शन कर रही थी। जापान के इन टोही विमानों का मुख्य उद्देश्य चीनी सेना की गतिविधियों और उनकी रणनीतिक पोजीशन की निगरानी करना माना जा रहा है। जैसे ही चीनी राडार ने जापानी विमानों की मौजूदगी को पकड़ा, चीनी रक्षा मंत्रालय ने तुरंत कड़ा रुख अपनाते हुए जापान को चेतावनी जारी कर दी। चीन का आरोप है कि जापान जानबूझकर अमेरिका के इशारे पर इस क्षेत्र में तनाव को भड़काने की कोशिश कर रहा है।

ताइवान को लेकर चीन और जापान में क्यों बढ़ रही है तल्खी

ताइवान हमेशा से चीन और उसके पड़ोसी देशों के बीच विवाद की सबसे बड़ी वजह रहा है। चीन ताइवान को अपना अभिन्न हिस्सा मानता है और उस पर पूर्ण नियंत्रण का दावा करता है, जबकि जापान और अमेरिका जैसे देश ताइवान की लोकतांत्रिक स्वतंत्रता और समुद्री सुरक्षा के पक्षधर हैं। जापान के लिए ताइवान की सुरक्षा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ताइवान के पास मौजूद समुद्री व्यापार मार्ग जापान की लाइफलाइन है। यदि चीन ताइवान पर पूरी तरह कब्जा कर लेता है, तो इससे जापान की सुरक्षा और उसकी आर्थिक आपूर्ति व्यवस्था सीधे तौर पर खतरे में पड़ जाएगी, यही वजह है कि जापान इस क्षेत्र में अपनी सैन्य सतर्कता लगातार बढ़ा रहा है।

समंदर में शुरू हुआ नया खेल और वैश्विक युद्ध का खतरा

इस ताजा घटनाक्रम के बाद समंदर और आसमान दोनों ही जगह तनाव चरम पर पहुंच गया है। चीन ने जापानी विमानों के जवाब में अपने कई अत्याधुनिक गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर और लड़ाकू जेट विमानों को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। वहीं, जापान भी अपने इस कदम के बाद पीछे हटने को तैयार नहीं है और उसने भी अपनी नौसेना को हाई अलर्ट पर रखा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच चल रहा यह चूहे-बिल्ली का खेल कभी भी एक बड़े सैन्य टकराव का रूप ले सकता है, जिससे न केवल एशिया बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और वैश्विक शांति पर बेहद बुरा असर पड़ेगा।