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‘तुम कोई कलेक्टर हो क्या?’… तने पर MBBS डॉक्टर ने दिल पर ले ली बात, डॉक्टरी छोड़ ऐसे बनीं IAS अफसर

अक्सर समाज में मिलने वाले ताने लोगों को तोड़ देते हैं, लेकिन कुछ जुनूनी लोग ऐसे भी होते हैं जो इन्हीं तानों को अपनी सफलता की सबसे बड़ी सीढ़ी बना लेते हैं। ऐसी ही एक बेहद दिल छू लेने वाली और हैरान कर देने वाली कहानी एक महिला डॉक्टर की सामने आई है, जिसने एक मामूली से ताने को अपने दिल पर ले लिया। डॉक्टरी के पेशे में रहकर लोगों की सेवा कर रही इस होनहार लड़की को किसी ने बहस के दौरान तंज कसते हुए कह दिया था कि 'तुम कोई कलेक्टर हो क्या?' यह बात उस महिला डॉक्टर के स्वाभिमान को इस कदर चुभ गई कि उन्होंने उसी पल अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा और कड़ा फैसला ले लिया। MBBS की शानदार डिग्री और चमकता करियर दांव पर लगाने का बड़ा रिस्क इस जुनूनी लड़की ने सिर्फ ताना सुना ही नहीं, बल्कि उसे हकीकत में बदलने की ठान ली। उन्होंने मेडिकल कॉलेज से MBBS की बेहद कठिन और सम्मानजनक डिग्री हासिल करने के बाद, अस्पताल के अपने चमकते हुए करियर को एक झटके में दांव पर लगा दिया। डॉक्टर से सीधे सिविल सर्वेंट बनने का यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था, क्योंकि डॉक्टरी की पढ़ाई और यूपीएससी (UPSC) के विशाल सिलेबस में जमीन-आसमान का अंतर था। लेकिन उनके दिमाग में तो बस वही एक कड़वा वाक्य गूंज रहा था। उन्होंने दिन-रात एक करके सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी और अपनी डॉक्टरी की प्रैक्टिस से पूरी तरह दूरी बना ली। कठिन परिश्रम और अटूट हौसले से पहली ही बार में क्रैक कर दी यूपीएससी की परीक्षा यूपीएससी को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है, जहां लाखों युवा सालों-साल तैयारी करते हैं। मगर इस डॉक्टर के पास खोने के लिए समय नहीं था और पाने के लिए उनका खोया हुआ सम्मान था। उन्होंने एक सटीक कूटनीति बनाई, हर दिन 10 से 12 घंटे की कड़ी पढ़ाई की और अपने कमजोर विषयों पर फोकस किया। नतीजा यह हुआ कि उन्होंने अपने पहले ही गंभीर प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा को न सिर्फ पास किया, बल्कि बेहद शानदार रैंक हासिल करके सीधे आईएएस (IAS ऑफिसर) का पद हासिल कर लिया। युवाओं और देश की बेटियों के लिए सबसे बड़ा रोल मॉडल बनी यह आईएएस अफसर आज वह डॉक्टर साहिबा सचमुच एक जिले की कमान संभाल रही हैं और वही लोग जो कभी उन पर हंसते थे, आज उन्हें झुककर सलाम करते हैं। उनकी यह जादुई सक्सेस स्टोरी सोशल मीडिया पर भी युवाओं के बीच प्रेरणा का एक बड़ा सैलाब लेकर आई है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह कहानी हमें सिखाती है कि आलोचनाएं आपको कमजोर करने के लिए नहीं, बल्कि आपकी असली ताकत से आपको रूबरू कराने के लिए आती हैं। अगर आपके अंदर भी कुछ कर गुजरने का ऐसा ही जज्बा हो, तो दुनिया का कोई भी ताना आपकी सफलता का सबसे बड़ा हथियार बन सकता है।