
पहाड़ी राज्यों में मानसून की शुरुआत में मिलने वाली सुहावने मौसम की राहत अब स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए बड़ी आफत में बदल चुकी है। उत्तराखंड से लेकर हिमाचल प्रदेश तक लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। नदियां अपने रौद्र रूप में उफान पर हैं, जगह-जगह भूस्खलन (लैंडस्लाइड) से मुख्य राजमार्ग बंद हो रहे हैं और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंच रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 72 घंटों के लिए दोनों राज्यों के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
उत्तराखंड में पहली ही बारिश में ढहा ढांचा, 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से बारिश की विनाशकारी तस्वीरें सामने आ रही हैं। प्रेमनगर के नंदा की चौकी के पास टोंस नदी के तेज बहाव में हाल ही में 16 करोड़ रुपये की लागत से बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया। पुल के बीचों-बीच एक बड़ा गड्ढा हो जाने से आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। इसके अलावा देहरादून के गोविंदगढ़ इलाके में छोटी बिंदाल नदी की सुरक्षा दीवार ढह गई, जिससे नदी किनारे बने मकानों पर सीधे कटाव का खतरा मंडराने लगा है।
मौसम विभाग ने राज्य के 9 प्रमुख जिलों—देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।
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नदियों का जलस्तर: पिथौरागढ़ में काली नदी और टिहरी के घनसाली में भीलंगना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है।
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रास्ते बंद: नरेंद्रनगर-गुजराड़ा-रानीपोखरी मार्ग पर पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण एहतियातन ट्रैफिक रोक दिया गया है।
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प्रशासनिक कदम: एहतियात के तौर पर देहरादून समेत कई जिलों में कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात रखा गया है।
हिमाचल प्रदेश के चंबा में फ्लैश फ्लड, शिमला में घना कोहरा
उधर पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। चंबा जिले में रात के समय अचानक आई बाढ़ (Flash Flood) ने भारी तबाही मचाई। कई रिहाइशी इलाकों और घरों में मलबा घुस गया, जिसमें दो ट्रक दब गए और पांच कारें पानी के तेज बहाव में बह गईं।
राजधानी शिमला की बात करें तो सुबह से जारी मूसलाधार बारिश और घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी काफी कम हो गई है, जिससे चालकों को गाड़ियां चलाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने शिमला, बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।
पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रहे कटाव और भूस्खलन को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने यात्रियों व स्थानीय लोगों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है:
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नदी-नालों से दूर रहें: उफान पर चल रही नदियों, पहाड़ी नालों और वॉटरफॉल के आसपास जाने से पूरी तरह बचें।
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अनावश्यक यात्रा से बचें: जब तक बहुत जरूरी न हो, पहाड़ी रास्तों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में यात्रा टालें।
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अपडेटेड जानकारी रखें: सफर पर निकलने से पहले स्थानीय आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग के ताजा अलर्ट जरूर चेक करें।
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