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News India Live, Digital Desk: बिहार की राजनीति में इन दिनों बड़े बदलावों का दौर जारी है। नीतीश कुमार के इस्तीफे और सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद अब सत्ता और विपक्ष के बीच मुलाकातों का सिलसिला तेज हो गया है। इसी कड़ी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधान पार्षद (MLC) समीर कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की है। चूंकि समीर सिंह का कार्यकाल अगले दो महीनों में खत्म होने वाला है, इसलिए इस ‘शिष्टाचार मुलाकात’ को लेकर सियासी गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।कार्यकाल खत्म होने से ठीक पहले मुलाकात के मायनेसमीर कुमार सिंह का MLC कार्यकाल 28 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। वह जून 2020 में बिहार विधानसभा कोटे से निर्वाचित हुए थे। कार्यकाल खत्म होने के अंतिम पड़ाव पर मुख्यमंत्री से उनकी इस मुलाकात को लेकर दो मुख्य कयास लगाए जा रहे हैं:राजनीतिक भविष्य: चर्चा है कि क्या समीर सिंह अपने अगले कार्यकाल या भविष्य की राजनीति के लिए किसी नए समीकरण की तलाश में हैं?क्षेत्रीय विकास: हालांकि, समीर सिंह के करीबियों का कहना है कि यह एक सामान्य शिष्टाचार मुलाकात थी जिसमें उन्होंने अपने क्षेत्र की कुछ समस्याओं और विकास कार्यों पर चर्चा की।बिहार में बदली हुई सियासी तस्वीरयह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब बिहार में एनडीए सरकार ने हाल ही में (24 अप्रैल 2026) विधानसभा में अपना विश्वास मत (Floor Test) हासिल किया है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। ऐसे में कांग्रेस जैसे विपक्षी दल के नेता का मुख्यमंत्री से मिलना विपक्ष के भीतर भी खलबली पैदा कर सकता है।समीर सिंह: एक अनुभवी चेहरासमीर कुमार सिंह बिहार कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रह चुके हैं और उनके परिवार का लंबा राजनीतिक इतिहास रहा है। उनके दादा बनारसी प्रसाद सिंह सांसद थे और पिता राजेंद्र प्रसाद सिंह बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हैं। उनकी सौम्य छवि के कारण सत्तापक्ष के नेताओं के साथ भी उनके मधुर संबंध रहे हैं।
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