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भारत-बांग्लादेश कूटनीतिक तनाव ,नॉन-फैमिली पोस्टिंग और सुरक्षा चिंताओं पर तकरार

News India Live, Digital Desk: भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक संबंधों में पिछले कुछ हफ्तों से भारी तनाव देखा जा रहा है। भारत सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बांग्लादेश में तैनात अपने राजनयिकों के परिजनों को वापस बुलाने का फैसला किया है, जिसे बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने “अनावश्यक” बताया है।मौजूदा स्थिति को समझने के लिए यहाँ मुख्य बिंदु दिए गए हैं:1. भारत का बड़ा कदम: ‘नॉन-फैमिली’ पोस्टिंगभारत ने 1 जनवरी 2026 से बांग्लादेश को ‘नॉन-फैमिली’ (Non-Family) राजनयिक पोस्टिंग की श्रेणी में डाल दिया है।इसका मतलब: अब बांग्लादेश में सेवारत भारतीय अधिकारियों को अपने जीवनसाथी या बच्चों के बिना रहना होगा।तुलना: भारत आमतौर पर ऐसी व्यवस्था केवल उच्च जोखिम वाले देशों जैसे इराक, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के लिए ही रखता है।वर्तमान स्थिति: ढाका स्थित उच्चायोग और अन्य चार वाणिज्य दूतावासों (खुलना, चट्टोग्राम, राजशाही, सिलहट) से करीब एक दर्जन से अधिक परिवार भारत लौट चुके हैं।2. सुरक्षा चिंताएं और 12 फरवरी के चुनावभारत के इस फैसले के पीछे कई गंभीर सुरक्षा कारण बताए जा रहे हैं:चुनाव पूर्व हिंसा: बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव और जनमत संग्रह होने वाले हैं। चुनावी सरगर्मी के बीच चरमपंथी गतिविधियों और विरोध प्रदर्शनों में तेजी आई है।इंटेलिजेंस इनपुट: खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, बांग्लादेश में कट्टरपंथी तत्व भारतीय राजनयिकों और उनके परिवारों को निशाना बना सकते हैं।अतीत की घटनाएं: दिसंबर 2025 में चटगांव स्थित भारतीय मिशन के बाहर हिंसक प्रदर्शन और हिंदू अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों ने भारत की चिंता बढ़ा दी थी।3. बांग्लादेश की सफाई और ‘अस्वीकारोक्ति’बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विदेश सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने भारत के कदम पर सवाल उठाए हैं:कोई खतरा नहीं: उनका कहना है कि देश में ऐसी कोई स्थिति नहीं है जिससे विदेशी अधिकारियों को खतरा हो।आंतरिक मामला: उन्होंने इसे भारत का ‘आंतरिक मामला’ बताया और कहा कि भारत को इसके पीछे के कारणों को स्पष्ट करना चाहिए।कोई औपचारिक सूचना नहीं: हुसैन के अनुसार, भारत ने सुरक्षा चिंताओं को लेकर बांग्लादेश सरकार को कोई आधिकारिक पत्र या सूचना नहीं दी है।4. तनाव के अन्य कारण: ‘क्रिकेट और हसीना’कूटनीतिक विवाद केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है:शेख हसीना का मुद्दा: पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का भारत में होना और वहां से बयान देना ढाका को अखर रहा है। अंतरिम सरकार ने उनके प्रत्यर्पण (Extradition) की मांग की है।क्रिकेट विवाद: सुरक्षा चिंताओं के कारण बांग्लादेश ने भारत में होने वाले T20 वर्ल्ड कप 2026 के मैच खेलने पर आपत्ति जताई थी और उन्हें श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग की थी। वर्तमान स्थिति: भले ही परिवार वापस बुला लिए गए हैं, लेकिन ढाका और अन्य शहरों में भारतीय मिशन ‘फुल स्ट्रेंथ’ में काम कर रहे हैं। गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) पर भी ढाका में समारोह आयोजित किया गया था।