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शिकागो में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश रचने वाला ट्रांसजेंडर आरोपी जेल में रहेगा, कोर्ट ने दिए हार्मोन इंजेक्शन जारी रखने के आदेश

अमेरिका से एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी सकते में डाल दिया है। शिकागो के पास एक प्रमुख हिंदू मंदिर पर नस्लवादी हमले और अंधाधुंध गोलीबारी की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किए गए 19 वर्षीय ट्रांसजेंडर किशोर को लेकर अदालत ने एक महत्वपूर्ण आदेश दिया है। आरोपी को बिना जमानत के जेल भेज दिया गया है, साथ ही अदालत ने यह निर्देश भी दिए हैं कि जेल के भीतर उसके जेंडर-ट्रांजिशन (लिंग परिवर्तन) से जुड़े हार्मोन इंजेक्शन और अन्य चिकित्सीय उपचार निरंतर जारी रखे जाएं। इस मामले ने अमेरिका में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और घृणा अपराधों (Hate Crimes) को लेकर एक बार फिर तीखी बहस छेड़ दी है।

कोर्ट में पेशी और मेडिकल इलाज जारी रखने का आदेश

इलिनोइस के पैलेटाइन के रहने वाले 19 वर्षीय ट्रांसजेंडर आरोपी एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस (Alexandros Paporakis) को हाल ही में अदालत में पेश किया गया था। एनबीसी शिकागो की रिपोर्ट्स के अनुसार, सुनवाई के दौरान जज ने आरोपी की मेडिकल जरूरतों पर भी विशेष रूप से चर्चा की। कोर्ट ने आदेश दिया कि जेल में रहने के दौरान एलेक्जेंड्रोस को लिंग परिवर्तन के लिए दिए जाने वाले हार्मोन इंजेक्शन नियमित रूप से मिलते रहने चाहिए। इसके अलावा, उसे अटेंशन-डेफिसिट/हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD), गंभीर डिप्रेशन और एंग्जायटी (चिंता) से जुड़ी दवाइयां और इलाज भी जेल के चिकित्सा कक्ष में दिए जाते रहेंगे। अदालत ने फिलहाल आरोपी को बिना किसी जमानत के सख्त पहरे में जेल में रखने का आदेश दिया है।

भारतीयों को मारने की थी साजिश, खुद को बताता था 'श्वेत वर्चस्ववादी'

यह पूरा सनसनीखेज मामला तब प्रकाश में आया जब संघीय अभियोजकों ने अदालत में चौंकाने वाले खुलासे किए। अभियोजकों के मुताबिक, आरोपी एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस एक स्थानीय रेस्तरां में कैशियर के रूप में काम करता था। उसने अपने सहकर्मियों और अन्य लोगों के सामने कई बार ऐसे बयान दिए थे जिससे उसकी कट्टरता साफ झलकती थी। उसने खुले तौर पर कहा था कि वह भारतीयों को मारने और उन पर हमला करने के लिए अब और इंतजार नहीं कर सकता। इतना ही नहीं, उसने खुद को एक 'श्वेत वर्चस्ववादी' (White Supremacist) भी घोषित किया था, जिसकी मानसिकता अप्रवासी समुदायों और विशेषकर हिंदू अल्पसंख्यकों के प्रति बेहद नफरत से भरी हुई थी।

आठ पन्नों के दस्तावेजों में मिली थी बड़े पैमाने पर हमले की योजना

एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस की गिरफ्तारी पिछले दिनों तब संभव हो सकी जब उसके एक सतर्क सहकर्मी ने उसकी संदिग्ध गतिविधियों और बातचीत की पोल खोल दी। सहकर्मी ने पुलिस को एक आठ पन्नों का बेहद खतरनाक दस्तावेज सौंपा, जिसमें शिकागो के उपनगर ऑरोरा (Aurora) में स्थित एक बड़े हिंदू मंदिर पर बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने की पूरी साजिश का खाका खींचा गया था। इस दस्तावेज में एक असाल्ट राइफल, भारी मात्रा में गोला-बारूद और अन्य सामरिक (Tactical) उपकरणों की तस्वीरें और विवरण भी शामिल थे, जिससे उसकी खतरनाक मानसिकता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

मंदिर की पार्किंग तक पहुंच गया था आरोपी, सर्विलांस फुटेज से हुआ खुलासा

पुलिस और खुफिया एजेंसियों की जांच में यह बात भी सामने आई कि साजिश रचने के बाद आरोपी ने इसे अंजाम देने की कोशिश भी की थी। पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, गत रविवार को दोपहर करीब 12:25 बजे पैपोराकिस ऑरोरा के उस प्रसिद्ध हिंदू मंदिर परिसर में जा पहुंचा था, जहां वह अंधाधुंध गोलीबारी करने की फिराक में था। हालांकि, किसी कारणवश उसने वहां से लौटने का फैसला किया। जब पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस फुटेज को खंगाला, तो उसकी कार मंदिर की पार्किंग में आती हुई और कुछ मिनटों तक वहां रुकने के बाद वापस जाती हुई साफ तौर पर नजर आई। समय रहते पुलिस और सुरक्षाबलों की सतर्कता के कारण एक बड़ा नरसंहार टल गया, वरना यह घटना अमेरिका के इतिहास में एक और काला अध्याय बन सकती थी। इस गिरफ्तारी के बाद से शिकागो और आसपास के इलाकों में रहने वाले भारतीय-अमेरिकी समुदाय और हिंदू संगठनों में खासी चिंता का माहौल है, और उन्होंने धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा और अधिक कड़ी करने की मांग की है।